नयी दिल्ली 20 नवम्बर, उच्चतम न्यायालय ने उपहार सिनेमा अग्निकांड पीड़ितों के संगठन की पदाधिकारी को धमकी देने के मामले में अंसल बंधुओं को तलब करने संबंधी याचिका आज खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने एक संक्षिप्त सुनवाई के दौरान संगठन की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति की अपील ठुकरा दी। श्रीमती कृष्णमूर्ति ने अंसल बंधुओं – सुशील और गोपाल अंसल- को धमकी देने और अपशब्द कहने के मामले में तलब किये जाने का मामला दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त किये जाने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। निचली अदालत ने इस मामले में अंसल बंधुओं को समन जारी किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने गत जुलाई में निरस्त कर दिया था।
हालांकि उच्च न्यायालय ने अंसल बंधुओं के दो कर्मचारियों दीपक कठपालिया और पी एस शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 599 (महिला को अपमानित करने) के तहत सुनवाई करने की अनुमति दी थी। उपहार सिनेमा अग्निकांड में दो संतान खोने वाली श्रीमती कृष्णमूर्ति ने 11 मई 2007 को अंसल बंधुओं और उनके नौकरों के खिलाफ धमकी देने और अपमानित करने की शिकायत की थी। अंसल बंधुओं के नौकरों ने श्रीमती कृष्णमूर्ति की तस्वीर अदालत कक्ष में खींची थी। जून 1997 में बॉर्डर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान उपहार सिनेमा में भीषण आग लग गई थी और अग्निकांड में कम से कम 59 लोगों की जानें गई थीं, जबकि कई घायल हुए थे।

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