जलवायु के अनुसार फसल उत्पादन को प्रोत्साहन दें: रघुवर दास - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 6 नवंबर 2015

जलवायु के अनुसार फसल उत्पादन को प्रोत्साहन दें: रघुवर दास

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राँची, 06 नवम्बर,  झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निर्देश दिया कि प्रमंडलवार मिट्टी की प्रकृति एवं जलवायु के अनुसार फसल (अनाज, सब्जी, फल-फूल) के उत्पादन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए चरणबद्ध रूप से वार्षिक योजना बनाकर काम किया जाये। श्री दास ने आज यहां कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में प्रखंडवार फसल क्षति के अधार पर सूखा घोषित करने के लिए ज्ञापन भारत सरकार को अविलंब भेजा जाएगा। उन्होंने राज्य को आॅर्गेनिक स्टेट बनाने की दिशा में कार्य करने, कृषकों को डीप इरिगेशन तथा पावर लिफ्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों में जाकर कृषक एवं कृषि कार्य से जुड़े कर्मियों -मजदूरों के साथ चैपाल लगायें तथा उनकी बातों को सुन कर 2016-17 का योजना बजट बनाएं। बजट में उनकी सहभागिता होगी तभी उनका विकास होगा। महज ड्यूटी की खानापूर्ति कर किसी योजना का लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचाया जा सकता। इसके लिए जुनून एवं टीमवर्क का होना आवश्यक है। श्री दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 में अक्टूबर तक कृषि, पशुपालन तथा सहकारिता विभाग के लिए कुल आवंटन 113926 लाख रुपये के विरूद्ध 30112 लाख रुपये का व्यय किया गया है, जो कुल बजट का 26.4 प्रतिशत है। विगत वित्त वर्ष में इसी अवधि में व्यय का प्रतिशत 5.72 था। 

वित्त वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट में प्रस्तावित नई योजना के अन्तर्गत अपलैंड भूमि पर हरा चारा उत्पादन, व्यवसायिक चारा उत्पादन एवं बायोमास, बछिया पालन केन्द्र की स्थापना तथा दूध उपभोक्ता जागरूकता अभियान इत्यादि शामिल है। दूध एवं दुग्ध उत्पाद का वितरण प्रज्ञा केन्द्रों के सहयोग से करने की सम्भावना पर भी विचार किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि 100 सहयोग समितियों के कार्यालयों में बिक्री केन्द्र का निर्माण, नए तालाबों का निर्माण, एक लाख पन्द्रह हजार मत्स्य कृषकों का बीमा, देवघर, गिरिडीह, राँची तथा गुमला जिले में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना और नामकुम स्थित झासको लैम्पस केन्द्रों का जीर्णोद्धार करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। धान के फसल के पश्चात रबी में क्लस्टर आधार पर फसल उत्पादन, मूंग तथा अरहर के फसल को बढ़ावा देने, ऊपरी क्षेत्रों में सोयाबीन की खेती को बढ़ावा देने, गृह वाटिका उद्यान विकसित करने के साथ-साथ अदरक तथा हल्दी के उत्पादन के प्रसार के लिए विशेष योजना है। राज्य में सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए बीज सब्सिडी कृषि बीमा का भुगतान और नए चेक डैम बनाने इत्यादि पर विचार किया गया। बैठक में मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग रणधीर कुमार सिंह, मुख्य सचिव राजीव गौबा, विकास आयुक्त आरएस पोद्दार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, प्रधान सचिव जल संसाधन सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव योजना-सह-वित्त अमित खरे, सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता नीतिन मदन कुलकर्णी, कृषि निदेशक जटा शंकर चैधरी, निबंधक सहयोग समितियां मुकेश कुमार वर्मा सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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