- बिहार विधानसभा चुनाव पर पार्टी ने की समीक्षा, पार्टी संगठन के विस्तार व मजबूतीकरण पर जोर
- मोदी सरकार द्वारा संरक्षित संघ परिवार द्वारा चलाये जा रहे सांप्रदायिक घृणा के खिलाफ 1-6 दिसंबर को वाम दलों का संयुक्त विरोध
पटना 14 नवंबर 2015, , भाकपा-माले की एक दिवसीय राज्य स्थायी समिति की बैठक आज पार्टी राज्य कार्यालय में संपन्न हो गयी. बैठक में पार्टी राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा, अमर, केंद्रीय कमिटी सदस्य रामजतन शर्मा, मीना तिवारी, केडी यादव, शशि यादव, सरोज चैबे, रामेश्वर प्रसाद, काॅ. महानंद, जवाहर लाल सिंह, इंद्रजीत चैरसिया, आर एन ठाकुर, संतोष सहर, जितेन्द्र, मनोहर, राजाराम सहित कई नेताओं ने भाग लिया.
बैठक में चुनाव की समीक्षा करते हुए कहा गया है कि इस बार वामपंथ का संयुक्त 4 प्रतिशत वोट पाना जिसके साथ तीन सीटों पर विजय जुड़ी है, इस बात की पुष्टि करता है कि वामपंथ ही दो ध्रुवों में बंटे बिहार में एकमात्र भरोसेमंद और संभावनामय तीसरी शक्ति है. ग्रामीण गरीबों का ठोस समर्थन, युवाओं की जोशीली और गतिशील भूमिका और किसानों एवं महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी ने भाकपा-माले को बुनियादी शक्ति और ऊर्जा प्रदान की.
भाकपा-माले ने कहा है कि नई सरकार को उसके द्वारा चुनाव पूर्व किये गये वादों को पूरा करने के साथ-साथ बिहार वामपंथी पाटियों द्वारा जारी संयुक्त वाम अपील में सूत्रबद्ध की गई वैकल्पिक दिशा और प्राथमिकताओं पर आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसमें रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं एवं महिलाओं के लिये अवसर और अधिकार, और सभी लोगों, खासकर बिहारी समाज के कमजोर तबकों के लिये बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार एवं न्याय पर सुस्पष्ट रूप से केन्द्रित किया गया है.
बैठक में इस बात पर भी राय बनी कि जेल में राजनीतिक पूर्वाग्रहों के चलते बंद कर दिए गए माले नेताओं की रिहाई के लिए आंदोलन चलाया जाएगा. विदित है कि दरौली से माले उम्मीदवार काॅ. सत्यदेव राम, जो चुनाव जीत गये हैं; जीरादेई से पार्टी उम्मीदवार काम्. अमरजीत कुशवाहा और अगिआंव से पार्टी उम्मीदवार काॅ. मनोज मंजिल को फर्जी मुकमदों में चुनाव के ठीक पहले जेल में डाल दिया गया है. इनकी रिहाई के लिए संघर्ष तेज होगा.
वाम दलों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संघ परिवार द्वारा चलाये जा रहे सांप्रदायिक घृणा अभियान के खिलाफ 1 से 6 दिसंबर के बीच राज्य के विभिन्न केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इसे लेकर जल्द ही वाम दलों की बैठक बुलायी जाएगी. बैठक में संगठन को और व्यापक व धारदार बनाने पर भी बातचीत हुयी. विधायक दल नेता का चुनाव कुछ दिनों में कर लिया जाएगा.

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