क्वालालम्पुर 21 नवंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले 18 महीने में लगभग सभी आर्थिक पैमानों पर देश का प्रदर्शन बेहतर हुआ है तथा अर्थव्यवस्था के प्रति देश के अंदर और बाहर विश्वास बढ़ा है। श्री मोदी ने यहाँ आसियान व्यापार एवं निवेश बैठक को संबोधित करते हुये कहा, “हमारी सरकार 18 महीने पहले सत्ता में आयी। भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने गंभीर चुनौतियाँ थीं। वित्तीय घाटा तथा चालू खाता घाटा ऊँचे स्तर पर था, बड़ी संख्या में ढाँचागत परियोजनाएँ रुकी पड़ी थीं और महँगाई दर लगातार ऊँची बनी हुई थी।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में स्थिति बदल चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “लगभग सभी आर्थिक पैमानों पर भारत 18 महीने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर बढ़ी है और महँगाई कम हुई है। विदेशी निवेश बढ़ा है और चालू खाता घाटा कम हुआ है। कर संग्रह बढ़ा है और ब्याज दर में कमी आयी है। वित्तीय घाटा कम हुआ है और रुपये में स्थिरता लौटी है।” श्री मोदी ने कहा कि सत्ता में आते वक्त उन्हें पता था कि सुधारों की जरूरत है। हमने अपने-आप से पूछा कि सुधार सिर्फ जीडीपी के आँकड़ों में बढ़ोतरी के लिए होना चाहिये या समाज में परिवर्तन लाने के लिए? उत्तर स्पष्ट था कि हमें परिवर्तन की दिशा में सुधार करना चाहिये।
श्री मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में यह बदलाव महज एक संयोग नहीं है; वह भी ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा नहीं है। यह सफलता सुनियोजित नीतियों की श्रृंखला का परिणाम है। हम वित्तीय सुदृढ़ीकरण की राह पर आगे बढ़े हैं। हमने महँगाई पर लगाम लगाने के लिए पहली बार रिजर्व बैंक के साथ समझौता किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों के परिणाम स्वरूप भारतीय अर्थव्यवस्था में दुनिया का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर देश के भीतर और बाहर विश्वास बढ़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक ने इस साल और अगले साल के लिए हमारी अर्थव्यवस्था को लेकर बेहतर उम्मीद जाहिर की है। इस सप्ताह ‘द इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका ने भी कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था किसी भी दूसरी उभरती हुई अर्थव्यवस्था से ज्यादा मजबूत है।”
श्री मोदी ने किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सबके लिए आवास योजना, जनधन योजना, मुद्रा बैंक और मेक इन इंडिया जैसे सरकार के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके कार्यकाल में विदेशी निवेश 40 प्रतिशत बढ़ गया है, अंकटाड के शीर्ष निवेश स्थलों की सूची में भारत अब तक के उच्चतम नवें स्थान पर पहुँच गया है तथा साख निर्धारक एजेंसी मूडीज ने भारतीय अर्थव्यव्स्था के परिदृश्य की साख बढ़ा दी है। कारोबार की आसानी के लिहाज से विश्व बैंक द्वारा जारी देशों की सूची में भारत 12 स्थान ऊपर पहुँचने में कामयाब रहा है।
प्रधानमंत्री ने बैठक में शामिल निवेशकों से कहा कि भारत अपार संभावनाओं का देश है। भारत में निवेश के लिए उन्हें आमंत्रित करते हुये श्री मोदी ने कहा, “मैं आपको आमंत्रित करता हूँ कि आप भारत आयें और बदलाव के बयार को महसूस करें। हवाओं को सीमा पार पहुँचने में समय लगता है, इसलिए मैं स्वयं आपको आमंत्रित करने आया हूँ। एक बार आप वहाँ आते हैं तो मैं आपको हमारी तरफ से भरपूर सहयोग का आश्वासन देता हूँ।”

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