पटना,19 नवम्बर, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल :राजद:, जनता दल यूनाइटेड :जदयू: और कांग्रेस महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार के कल यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में हो रहे मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में नौ राज्यों के मुख्यमंत्री और कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी। बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर श्री कुमार के पांचवीं बार शपथ ग्रहण के कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाने के लिए महागठबंधन के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश की कई बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया है । श्री कुमार के आमंत्रण को प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया लेकिन पहले से निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण उन्होंने समारोह में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की और केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू तथा कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)राजीव प्रताप रुडी को अपने प्रतिनिधि के तौर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शिरकत करने को कहा है।
इसके साथ ही महागठबंधन ने श्री कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) का विरोध करने वाले दलों की एकजुटता दिखाने की भी भरसक कोशिश की हैं और इस क्रम में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा और कई अन्य राजनीतिक हस्तियों को फोन कर उनसे शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने का आग्रह किया है । इस समारोह में भाजपा विरोधी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के शामिल होने को नये राजनीतिक गठजोड़ के रुप में भी देखा जा रहा है । ऐसी संभावना है कि इस गठजोड़ का असर संसद में और संसद के बाहर भी देखा जायेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों की सूची जारी की है जिनमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस सुप्रीमो फारुख अब्दुल्ला और
लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, मणिपुर के मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबम तुकी ने समारोह में शामिल होने की सहमति दे दी है । राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पटना आ रहे हैं । समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी, हेमंत सोरेन, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह बाघेला, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा के आने की पुष्टि हो गयी है ।
इसके साथ ही समारोह में द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम :द्रमुक: के नेता एम के स्टालिन, राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष अजित सिंह और राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल, इंडियन नेशनल लोक दल के नेता अभय चौटाला, भरिपा बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकर, पूर्व सांसद राम जेठमलानी, सांसद राजबब्बर और वरिष्ठ पत्रकार एच के दुआ भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे । शिवसेना ने भी श्री कुमार का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है और पार्टी नेता एवं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राम दास कदम और सुभाष देसाई समारोह में शामिल होने आ रहे हैं । गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किये जाने के तत्काल बाद श्री कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि इसका राष्ट्रीय राजनीति पर असर होगा और इसके दूरगामी परिणाम होंगे । उन्होंने कहा था कि बिहार के लोगों ने नरेन्द्र मोदी सरकार की कार्यशैली को खारिज कर दिया है और इससे राष्ट्र के मूड का भी पता चल रहा है। श्री कुमार और श्री यादव ने दावा किया था कि जनता 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों का अब इंतजार नहीं करेगी । उन्होंने संकेत दिया था कि भाजपा विरोधी दल नरेन्द्र मोदी सरकार को चुनावों से पहले ही धराशायी करने का प्रयास करेंगे ।

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