इटावा 14 नंबवर , देश मे एक के बाद वापस हो रहे साहित्यक सम्मानो पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज कहा इटावा हिंदी सेवा निधि की ओर से दिया जा रहा सम्मान ना तो वापस होगा और ना ही कोई चेक वापस करेगा । राज्यपाल यहां इस्लामिया इंटर कॉलेज में इटावा हिन्दी सेवा निधि के 23वें वार्षिक अधिवेशन एवं हिन्दी सेवी सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।श्री नाईक ने कहा उन्हें भरोसा है कि यह सम्मान कोई भी वापस नहीं करेगा । उन्होने कहा कि अब न्यायालयों में हिन्दी का प्रयोग होने लगा है। हिन्दी जन-जन की भाषा है। उत्तर प्रदेश में हिन्दी को काफी बढ़ावा मिला है। सरकार ने भी हिन्दी को राष्ट्र भाषा मान लिया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों में अंग्रेजी के निर्णय लोगों के समझ में नहीं आते थे, जबसे न्यायालयों में हिन्दी का प्रयोग हुआ है तब से लोगों को बढ़ी राहत मिलेगी। देश को जोड़ने में जो मापदंड होते हैं उसमें हिन्दी सबसे ताकतवर है। हिन्दी जितनी विकसित होगी उतना देश मजबूत होगा। तकनीक के क्षेत्र में भी हिन्दी का प्रयोग होना चाहिये। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लंदन में हिन्दी में भाषण दिया, उसका असर यह हुआ कि लंदन के प्रधानमंत्री को भी कहना पड़ा अच्छे दिन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, बिहार, हरियाणा, उत्तराचंल में हिन्दी को बढ़ावा मिला है।

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