लंदन 14 नवंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस के आतंकवादी हमलों के परिप्रेक्ष्य में सभी मानवतावादी देशों तथा संगठनों का आह्वान करते हुए आज कहा कि सभी पक्षों को एकजुट होकर इन हमलों की निंदा करनी चाहिए और आतंकवादियों के खिलाफ एकजुट लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए । श्री मोदी ने ब्रिटेन यात्रा के आखिरी दिन लंदन में टेम्स नदी के किनारे 12वीं सदी के प्रसिद्ध दार्शनिक बसवेश्वर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा, 'संयुक्त राष्ट्र को 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर आतंकवाद को परिभाषित करना चाहिए ताकि सभी ये जान सकें कि कौन-कौन आतंकवाद के समर्थन में हैं और कौन विरोध में खड़े हैं। ” श्री मोदी ने कहा कि बसवेश्वर (1134-1168) के विचार और मूल्य लोगों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि बसवेश्वर ने 12वीं सदी में ही महिलाओं के सशक्तिकरण की अलख जगायी थी ।
भारतीय प्रधानमंत्री को ‘मैग्नाकार्टा’ की एक प्रति भेंट की गयी है। उन्होंने ‘मैग्नाकार्टा’ का उललेख करते हुए बताया कि इस महान दस्तावेज में जिन अधिकारों और सिद्धांतों की बात की गयी है, उन सभी अधिकारों और सिद्धांतों को बसवेश्वर बहुत पहले ही लिख गये। बसवेश्वर को लैंगिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का पैरोकार बताते हुए श्री मोदी ने कहा,“ जब भी हम नागरिकों के समानता के अधिकार की बात करते हैं तो सबसे पहले अब्राहम लिंकन का नाम याद आता है लेकिन बसवेश्वर ने 700 वर्ष पहले ही इन सिद्धातों की स्थापना की थी। ” महान भारतीय दार्शनिक की प्रतिमा की स्थापना को भारत के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा ब्रिटेन और अन्य देशों के लोगों को लोकतांत्रिक सिद्धातों के प्रति आकर्षित भी करेगी। बसवेश्वर ने अछूताें के प्रति अपनाये जाने वाले भेदभावपूर्ण रवैये का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां समय समय पर कई समाज सुधारक सामने आये। इस अवसर पर पूर्व मेयर डॉ नीरज पाटिल भी उपस्थित थे।

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