उत्तराखंड की विस्तृत खबर (13 नवम्बर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 13 नवंबर 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (13 नवम्बर)

दुकान में लगी आग से हडकंप

ऋषिकेश, 13 नवंबर(निस)। नगर के व्यस्ततम मार्ग तिलक रोड पर एक फैन्सी लाईट की दुकान मे आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू किया जिससे बडा हादसा होने से टल गया। आग दुकान केे दोमंजिली छत पर रखे कूढे के ढेर मे लगी। प्राप्त समाचार के अनुसार तिलक रोड पर श्यामपुर निवासी सुमित मल की फैन्सी लाईट की दुकान हैं । जिसकी दूसरी मंजिल पर बेकार सामान रखा था। जिसमे अचानक आग लग गई जिससे आग की लपटें देख आसपास के लोगों मे अफरा तफरी मच गई और लोगों ने दुकान के मालिक को फोन पर सूचना दी। इस बीच दमकल विभाग भी मौके पर पहुंच गया। जिसने आग पर काबू पाया। 

हर्षोल्लास से मनाया गया भाईदूज पर्व 

ऋषिकेश, 13 नवंबर(निस)। कार्तिक की भैया दूज के अवसर पर बहनों ने अपने भाई के मस्तक पर तिलक कर मिष्ठान खिलाते हुए उसकी दीर्घायु की कामना की । ज्ञात रहे कि हिन्दू संस्कृति मंे कार्तिक माह मे दीपावली के उपरान्त भैयादूज का भी काफी महत्व माना गया है। जिसके पीछे हिन्दू संस्कृति मंे कहा जाता है कि यह पर्व यम और यमुना के मध्य अटूट सम्बन्धों के चलते मनाया जाता है। पं0 अनिल द्विवेदी के अनुसार यम और यमुना के बीच काफी प्यार था परन्तु यमुना केा धरती पर आना ही था जिससे वह काफी समय से यम से नहीं मिल पाई जिसे देखते हुए एक दिन यम और यमुना ने कहा कि हमारा मिलन भैयादूज के अवसर पर होगा और वह कार्तिक माह मे एक दिन आया और उस दिन को भैयादूज के अवसर पर मनाया जाता है इस दिन  बहन भाई के मस्तक पर तिलक कर उसके दीर्घायु की कामना करते हुए  वर्ष मे एक बार मिलने का आशीर्वाद प्राप्त किया। और इसी दिन से भैयादूज का पर्व भाई बहन के अटूट सम्बन्धों का प्यार बनकर रह गया है।

पीएम का सूट खरीदने वाले लालजी भाई ने ऋषिकेश के लिया गुरू आर्शीवाद 

ऋषिकेश, 13 नवंबर(निस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पहने गये सूट को खरीदने नीलामी के बीच करोडो मे खरीदने वाले लाल जी भाई ने तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचकर शीशम झाडी स्थित अपने गुरू का गोवर्धन पूजा के दौरान पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ज्ञात रहे कि गुजरात के विख्यात व्यवसायी व उद्योगपति लालजी भाई ने स्वामी नारायण आश्रम वैदिक ऋषिकुल मे पहुंचकर आश्रम की तमाम धार्मिक गतिविधियों मे भाग लेते हुए जहां दीपावली का पर्व मनाया वहीं गोवर्धन पूजा में प्रतिभाग कर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए उनसे देश की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होने स्वामी नारायण भगवान का भी पूजन किया । इस दौरान उन्होने वैदिक ऋषिकुल मे अध्ययन कर रहे छात्रों के साथ मिलकर वेदमंत्रों के बीच विश्व शान्ति व जनकल्याण की कामना करते हुए वैदिक पुराणों व ग्रन्थों का प्रचार प्रसार किये जाने के लिए हर संभव सहयोग दिये  जाने  का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर आचार्य डा0 नारायण प्रसाद भटटराई ने लालजी भाई द्वारा कराई गई पूजा सहित सभी अनुष्ठानों मे अपना सहयोग कर लालजी भाई को आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सामवेदाचार्य पं0 दिलीप कुमार त्रिपाठी, स्वामी सुनील भगत , स्वामी गोपाल भगत, स्वामी नारायण भगत, योगेश , राधे लाल, रंजीत , गोबिन्द, आशीष, अनिकेत, हरिश्चन्द्र, मोर सिंह, सुभद्रा बहन आदि उपस्थित थे। 

छह लाख की धोखाधड़ी का आरोप 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। क्रास रोड निवासी व्यक्ति की ओर से चार लोगों पर छह लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। इस आश्य की शिकायत पीडि़त की ओर से यहां डालनवाला पुलिस में दी गई है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। पीडि़त व्यक्ति नरेन्द्र कुमार की ओर से स्थानीय निवासी स्वाति अरोड़ा, योगेश अरोड़ा, संजय पुरी और सुमित पुरी पर छह लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ षड़यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायत में कहा गया कि रकम ठगने का पता चलने पर जब उसने आरोपियों से अपने पैसे मांगे तो उसे गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी मिली। 

धारदार हथियार से युवकों पर हमला 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। केदारपुरम एमडीडीए में मामूली बात पर कुछ युवाओं ने दो युवकों पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला बोल दिया। इस संबंध में जहां घायल युवकों को अस्पताल में भरती कराया गया है। वहीं घायलों के परिजनों की ओर से नेहरू कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। थाना प्रभारी नेहरू कालोनी मुकेश त्यागी ने बताया कि एमडीडीए केदारपुरम निवासी सोनिया शर्मा की ओर से 10-11 अज्ञात युवकों पर अपने बेटे युग शर्मा और उसके दोस्त अक्षय पर मामूली विवाद के बाद चाकू और खुखरी से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया कि दोनो युवा घटना वाली रोज एमडीडीए स्थित पानी की टंकी के समीप खड़े थे, इस दौरान हमलावरांे ने विवाद के बाद मारपीट शुरू कर दी। 

वाहनों की टक्कर में एक जख्मी 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। सड़क हादसे में वाहन सवार युवक के घायल होने की खबर है। इस संबंध में जख्मी युवक की ओर से टक्कर मारने का आरोप दूसरे वाहन चालक पर लगाते हुए कैंट पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।  पुलिस को दी शिकायत में प्रेमनगर निवासी हंसराज जसोरिया ने आरोप लगाया कि तेलपुर निवासी विशाल थापा ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसकी गाड़ी पर टक्कर मार दी। हंसराज की गाड़ी तो क्षतिग्रस्त हुई ही, साथ ही उसके पैरों में गम्भीर चोट भी आई। वहीं पुलिस लाइन निवासी प्रेम सिंह ने डालनवाला पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अज्ञात लोग दीपावली वाली रोज परेड मैदान से उसकी बाइक चोरी कर ले गए। 

भैरोघाटी हादसे ने खोली आपदा प्रबंधन की पोल 
  • राहत टीम से संपर्क न होने से बेबस आपदा कंट्रोल रूम

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। राज्य सरकार जहां एक ओर आपदा प्रबंध तंत्र की बेहतरी को बखानती रही है, वहीं हर्षिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरूवार को हुई सडक दुर्घटना ने राज्य के आपदा प्रबंध तंत्र की कलई खोलकर रख दी है। गुरूवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हादसा होना बताया जा रहा। जबकि देर शाम राहगीरों ने भैरोघाअी के पांच किमी आगे गंगोत्री जाने वाली सडक पर वाहन के टायरों के रगड़ के निशान देखे तो थाना पुलिस को हादसे होने का अनुमान लगाते हुए सूचना दी। आपदा प्रबंध तंत्र को लेकर अपनाया जा रहा रवैया लचर ही कहा जाएगा कि शुक्रवार दोपहर तक सिर्फ एक महिला का शव खाई से निकाला जा सका था। जबकि खाई में एक पुरूष का शव दिखने की बात सामने आई थी। वहीं वाहन सवार दो अन्य लोगों का शुक्रवार दोपहर तक कुछ पता नहीं चल सका था। राज्य में आपदा प्रबंध तंत्र का चाक चैबंद होना सिर्फ दावों तक सीमित है। आपदा राहत कार्यों को लेकर सरकारी मशीनरी किस तरह अपडेट रहती है, इसकी बानगी तब देखने को मिली, जबकि एनएनआई संवाददाता ने शुक्रवार दोपहर आपदा कंट्रोल रूम के नम्बर पर हादसे की अपडेट जाननी चाही। आपदा कंट्रोल रूम ने टेलीविजन पर चल रही खबरों का हवाला देते हुए कहा कि चार शव निकाल लिए गए हैं। हालांकि कंट्रोल रूम ने खबर की पुष्टि करने से इंकार किया। वहीं इसी समय हर्षिल थाने से बात करने पर पता चला कि पूर्वाहन्न साढ़े ग्यारह बजे तक महिला का शव निकाला जा सका था। जबकि खाई में एक पुरूष का शव दिखाई पड़ रहा है, राहत टीम शव तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। वहीं कार सवार दो अन्य का दोपहर तक पता नहीं चल सका था। सडक मार्ग से खाई की गहराई करीब चार सौ से पांच सौ मीटर बताई गई। सुबह होते ही राहत कार्य शुरू किया गया। हर्षिल थाने के छह, एसडीआरएफ के नौ जवान और आईटीबीपी व सेना के जवानों की भारी टीम खाई में गिरी कार सवार चार लोगों की तलाश में जुट गई थी। हालांकि राहत टीम से मिले दोपहर के अपडेट पर चर्चा करते हुए हर्षिल पुलिस के अनुसार हादसे में किसी के जीवित बचने की संभावना क्षीण मानी जा रही थी। बहरहाल पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर कनेक्टिीविटी की समस्या होने से राहत कर्मियों से संपर्क साधने में परेशानी हो रही थी। वहीं जिस तरह आपदा कंट्रोल रूम की ओर से टीवी देखकर अपडेट बताया गया, उससे सरकार की ओर से राज्य आपदा प्रबंध तंत्र को लेकर जोरशोर से किए जा रहे बखानों को दम तोड़ते माना जा सकता है। यह कोई पहली बार नहीं जबकि दुर्घटना के घंटो बाद भी आपदा प्रबंध तंत्र को सुस्त देखा गया। 

केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद 
  • बाबा केदार की चल विग्रह डोली ऊखीमठ के लिए रवाना 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)।  केदारनाथ और यमुनोत्री मंदिर के कपाट आज सुबह विधिविधान के साथ पूजा अर्चना के बाद शीतकाल तक के लिए बंद कर दिए गए। केदारमंदिर में सुबह तय समय के अनुसार करीब छह बजे मंदिर के गृभ गृह में विशेष पूजा अर्चना की शुरूआत हुई। चल विग्रह डोली ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने पर बाबा को वहां विराजमान किया जाएगा।  उधर यमुनोत्री धाम मंदिर में मुख्य पुजारी की ओर से सुबह ही विशेष पूजा शुरू कर दी गई थी। पूर्वाहन्न मां यमुना की डोली कपाट बंद होने के साथ ही खरसाली स्थित यमुना मंदिर के लिए रवाना की गई। अब शीतकाल तक श्रद्घालु आंेकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार और खरसाली स्थित यमुना मंदिर मंे मां यमुनोत्री के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय विधायकगणों के साथ ही दर्जनों श्रद्घालुओं की मौजूद्गी में मंदिर के मुख्य पुजारी ने विधि विधान से पूजा कार्यक्रम संपन्न कराए। बाबा केदार के जयकारों के बीच चल विग्रह डोली को ऊखीमठ स्थित आंेकारेश्वर मंदिर के लिए ले जाया गया। इस दौरान कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने भक्ति संगीत की मधुर धुन भी बजाए रखकर माहौल भक्तिमय बनाया। चल विग्रह डोली के रवाना होने के दौरान पूरी केदारघाटी में बाबा के जयकारों का गुंजायमान की ध्वनि बिखरी रही। इसके पूर्व चल विग्रह डोली मंदिर के बाहर आने के बाद एसडीएम उत्तम सिंह चैहान की देखरेख में मंदिर के कपाट पर ताला मार दिया गया। बाबा केदार की चल विग्रह डोली आज शाम तक रामपुर पहुंचेगी। जहां डोली रात्रि विश्राम कर कल सुबह गुप्तकाशी के लिए रवाना हेागी। गुप्तकाशी में शनिवार को रात्रि विश्राम के बाद 15 नवंबर की सुबह डोली आंेकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना होगी, जो कि शाम तक आंेकारेश्वर मंदिर पहुंच जाएगी। विशेष पूजा अर्चना के दौरान डीएम रूद्रप्रयाग राघव लांगर, मंदिर समिति के पदाधिकारियों, विधायकगण समेत सैकड़ों श्रद्घालु उपस्थित रहे। 

ग्रीष्मकालीन बनाम स्थाई राजधानी के मुद्दे पर गुजार दिए 15 साल 
  • आंदोलन के बाद उत्तराखंड पाया, राजनेताओं ने बांट दिया पहाड़-मैदान में 
  • मिशन 2017 पर नजर, गैरसैंण पर निशाना 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। स्थाई राजधानी चयन को लेकर  देखते ही देखते ये पन्द्रह साल कैसे गुजर गए, पता ही नहीं चला। नौ नवंबर 2000 को प्रदेश के गठन के बाद से लेकर के आज तक राज्य की जनता के मन की थाह किसी भी राजनीतिक दल ने शायद ही कभी ली हो। हां इतना जरूर है कि स्थाई राजधानी चयन को लेकर गठित कमेटी ने गैरसैंण को पहले नम्बर पर बताया। इसके बाद भी राज्य की जनता को स्थाई राजधानी नहीं मिल सकी है, मगर भाजपा और कांग्रेस को राजनैतिक रोटियां सेकेने का मौका जरूर मिला।स्थाई राजधानी का मुद्दा समय-समय पर कभी कांगे्रस तो कभी भाजपा के लिए कोढ़ में खाज के समान बनता रहा है। झारखंड और छत्तीसगढ़ नामक राज्य का गठन भी करीब-करीब उत्तराखंड के गठन के समय ही हुआ था। आज जबकि पन्द्रह साल बाद भी उत्तराखंड को स्थाई राजधानी नहीं मिल सकी है, जबकि झारखंड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्या में गठन के सालभर बाद स्थाई राजधानी का चयन हो चुका था। हालांकि दोनों राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों की तुलना में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां भिन्न हैं। इतिहास गवाह है कि अभी तक आई और गई सरकारों ने जो विकास का खाका खींचा, उसमें देहरादून समेत मैदानी इलाकों को ही तवज्जो दी गई। जबकि मौजूदा हरीश सरकार पहाड़ के विकास के  मद्देनजर काम करने का दावा कर रही है। हालांकि मंजिल फिर भी 2017 से अधिक कुछ नहीं है। फिलहाल राज्य में स्थाई राजधानी के मुद्दे पर पार्टी दो होती दिख रही है। हालांकि शुक्रवार को पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और सूबे के मुखिया हरीश रावत के बीच हुई मुलाकात के मायने यह निकाले जा रहे कि पार्टी नेताओं में बढ़ती दूरियों को किस तरह पाटा जाए। एक ओर कील-कांटा निकालकर कांगे्रस के मुखिया पार्टी को मिशन 2१07 फतेह कराने के लिए जीतोड़ कोशिशें कर रहे। वहीं बीती दिनों वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश के हरिद्वार में स्थाई राजधानी को लेकर दिए बयानों ने कांगे्रस में भूचाल के हालात पैदा कर दिए हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के बयानों के अनुसार कांगे्रस पहाड़ के विकास को प्रमुखता दे रही है, से माना जा रहा कि कांगे्रस के मन में भी गैरसैंण को लेकर कुछ न कुछ तो जरूर है। 

भाजपा को माझी की तलाश तो कांगे्रस को असंतुष्ठों की चिंता 
विधानसभा चुनाव 2017 को करीब डेढ़ साल ही बचे हैं। ऐसे में भाजपा और कांगे्रस दोनों में दुविधा अब भी बढ़ी हुई है। उत्तराखंड को लेेकर केंद्रीय नेतृत्व की चिंता बरकरार है कि विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाए। वहीं राज्य कांगे्रस नेतृत्व में भी असंतुष्ठों की चुप्पी को लेकर संदेह बरकरार बताया जा रहा। मंत्रीमंडल के रिक्त पद और मंत्रीमंडल में बदलाव का सोया जिन्न कभी भी जाग सकता है। 

चरमराते यातायात को सरपट दौड़ाएगी पुलिस, यातायात सुचारू बनाने के लिए नई रणनीति बनाई 
  • चार सेक्टर में बांटा शहर के यातायात को सफेद लाइन पार भी अब नो पार्किंग लागू 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। शहर की सडकों पर यातायात व्यवस्था को ढर्रे पर लाने के लिए पुलिस ने एक और नया प्लान आज से लागू किया है। हालांकि प्लान में नया कुछ नहीं, बस पुलिसिंग सख्त किया गया है। इधर शहर में विशेषकर घंटाघर के समीप की सडकों पर यातायात के चरमराते हाल को देखकर हर कोई पुलिस को कोसता था, पुलिस ने घंटाघर को ही यातायात सुधार के लिए केंद्रीत कर नया प्लान लागू कर दिया है। इस प्लान में नयापन यह है कि अब कने चैक से लेकर दून चैक तक भी सडक किनारे नो पार्किंग नियम लागू होंगे। 
हर नए एसएसपी के सामने देहरादून की सडकों पर बलखाते हुए चलने वाली यातायात व्यवस्था में सुधार लाने की चुनौती पहले नम्बर पर रही है। एसएसपी डा. सदानंद दाते को भी इस चुनौती से बखूबी जुझना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुलिस ने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल सडक पर उतारने की रणनीति त्यौहारी सीजन में लागू की। हर गली में पुलिस जवानों की तैनाती वाला फार्मूला सफल रहा, और नतीजन त्यौहारों में सडकें जाम होने की खबर कहीं से नहीं आई। यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए आज से और एक प्लान पुलिस ने लागू किया है। यातायात संचालन के लिए चार सेक्टर निर्धारित किए गए हैं। घंटाघर से बिंदाल पुल, घंटाघर से बहल चैक, घंटाघर से तहसील चैक और कनक चैक से दून चैक। इन चार सेक्टरों में प्रत्येक में एक एसआई और दो सिपाहियों को यातायात सुचारू रखने की जिम्मेदारी दी गई है। ये भी कर्मचारी सुबह आठ बजे से देर रात तक अपने-अपने क्षेत्र में यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण, वाहनों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। इन चारों सेक्टरों के अंतगर्त आने वाली तमाम सडकों पर आज से सफेद लाइन के बाहर भी नो पार्किंग नियम लागू किए गए हैं। नियम तोडने वाले वाहनों  का चालान किया जाएगा। किसी भी तरह कि ठेलियां प्रतिबंधित रहेंगी। दुकानों का सामान बाहर सडक पर दिखाई दिया तो 13३ और 8१ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। 
                                                                                                                                                    
दून में सक्रिय किशोर अपराधियांे पर कसेगा शिकंजा, सुधर जाओ या सुधार गृह जाओ 
  • स्ट्रीट क्राइम पर लगाम लगाएगी पुलिस की रणनीति, पुलिस ने चिन्हित किए 5१ किशोर  

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। स्ट्रीट क्राइम रोकने के लिए लंबे मंथन के बाद पुलिस अधिकारियों ने आसान से हल निकाला है। हालांकि यह आसान सिर्फ देखने और सुनने में लग सकता है, पुलिस अब इस नए रणनीति के तहत काम पर जुटने जा रही है। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि स्ट्रीट क्राइम से जहां शहर की आबोहवा में मानो जहर सा घुला हुआ था, वहीं महिलाओं में भी असुरक्षा की भावना बल पकड़े हुए थी। पुलिस ने फिलहाल ऐसे 5१ किशोर अपराधियों को चिन्हित किया है जो कि या तो नशा तस्करी या फिर मोबाइल-चेन स्नैचिंग मंे शामिल रहे हैं। नाबालिग होने के चलते कानूनी तौर पर पुलिस इनपर सख्त नहीं हो सकती। जबकि अपने चेन स्नैचिंग या फिर मोबाइल छीनने के हुनर में माहिर ये बच्चे महिलाओं में खौफ का पयार्य बन चुके थे। बीती कुछ माह से चेन लूट, मोबाइल छीनने और नशा तस्करी अथवा नशे की गिरफ्त में शामिल नाबालिगों को चिन्हित करने का काम पुलिस ने शुरू किया। ऐसे बच्चों की अलग-अलग सूची बनाई गई, कि आखिर अपराध की दुनिया में कदम रखने का कारण क्या रहा। पुलिस ने पाया कि कम मात्रा में नशा लेने की लत, बड़े तस्करों से कम-कम मात्रा में नशा खरीदकर तस्करी करने की हौड़ में शामिल बच्चे ही अधिकांशतया खर्चा पूरा करने या फिर नशा खरीदने के लिए पर्स-मोबाइल और चेन लूट करने लगते हैं। छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त पाए गए चिन्हित किए गए बच्चों की हरकतों पर लगाम लगाने के लिए थाना स्तर पर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस मौहल्लों में जाकर लोगों से ऐसे बच्चों के क्रियाकलापों पर नजर रखने और गलत हरकत दिखने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील करेगी। वहीं बारमबार स्ट्रीट क्राइम में लिप्त पाए गए बच्चों के अभिभावकों को अपने हौनहारों की हरकतों पर लगाम लगाने की नसीहत भी पुलिस द्वारा दी जाएगी। पुलिस सूत्रों की माने तो नशा खरीदने और बेचने वाले बच्चे ही अधिकांशतया स्ट्रीट क्राइम अंजाम देने की ओर अग्रसर होते हैं। 

ऐसे 51 किशोरों को चिन्हित किया गया है, जो कि पूर्व में कई दफा स्ट्रीट क्राइम अंजाम दे चुके हैं। इनमें अधिकांश नशे के लती हैं और नशा खरीदने के लिए ही मोबाइल-पर्स आदि छीनने की वारदात की है। हाल में हुई कई चोरियों में नाबालिग बच्चे शामिल पाए गए हैं। अभिभावकों को इनकी आदतों में सुधार लाने अथवा बाल सुधार गृह में भेजने की अपील की जाएगी।---अजय सिंह, एसपी सिटी। 

विकासनगर में हाईस्कूल की छात्रा से रेप 

देहरादून, 13 नवंबर(निस)। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर रेप-छेड़खानी के मामले पानी फेरते रहे हैं। कोतवाली विकासनगर के जीवनगढ़ मंे हाईस्कूल की छात्रा से बलात्कार किया गया। स्थानीय छात्रा सुबह ट्यूशन पढकर घर लौट रही थी। इस दौरान जीवनगढ़ निवासी ईशरत अली ने छात्रा को अकेली देख दबोच लिया। गन्ने के खेत में लेजाकर ईशरत ने छात्रा से रेप किया। घर पहुंची छात्रा गुमशुम रहने लगी। दोपहर नाना के पूछने पर उसने आपबीती बता दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने ईशरत को गिरफ्तार कर लिया। बालिका के मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है। ईशरत ने गुनाह कबूलते हुए पुलिस को बताया कि वह गन्ने का खेत सींचने गया था, जहां उसने अकेली गुजरती छात्रा से जबरन बलात्कार किया। इंस्पेक्टर विकासनगर ने पुष्टि करते हुए कहा कि नाबालिग छात्रा सुबह मौहल्ले में ट्यूशन पढकर घर लौट रही थी। रेप के आरोपी ईशरत अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

भैरो घाटी के निकट कार खाई में गिरी, महिला की मौत, चार लापता

उत्तरकाशी, 13 नवंबर(निस)। बीती देर शाम गंगोत्री जा रही एक कार भैरो घाटी के निकट अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। कार में पांच लोग बताए जा रहे हैं। इनमें से एक महिला का शव रेस्क्यू कर बरामद कर लिया गया है, जबकि चार लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस, आर्मी एसडीआरएफ, प्रशासन व रेस्क्यु टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी है। मिली जानकारी के अनुसार गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के मौके पर बीते रोज भटवाड़ी ब्लाक के मांडो गांव निवासी शंकरमणी (45 वर्ष) पुत्र रामेश्वर प्रसाद, शैला देवी (44 वर्ष) पत्नी शंकरमणी, मुखबा के लौंथरु गांव निवासी राकेश सेमवाल (41 वर्ष) पुत्र कमलेश्वर प्रसाद, कमलेश्वरी देवी (35 वर्ष) पत्नी राकेश सेमवाल और मुखबा गांव निवासी देवेन्द्र प्रसाद सेमवाल (37) पुत्र रतन मोहन सेमवाल गंगोत्री यात्रा पर जा रहे थे। गंगोत्री जाते समय सुबह करीब 11 बजे गंगोत्री धाम व भैरो घाटी के बीच कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। शाम करीब 5 बजे जब गंगा की पैदल यात्रा मुखबा के लिए आ रही थी, उस दौरान लोगों ने सड़क के किनारे टायरों के घिसे होने के निशान देखे। लोगों ने गहरी खाई में एक वाहन गिरा देखा। इसकी सूचना लोगों ने पुलिस व प्रशासन को दी। देर शाम अंधेरा होने के कारण रेस्क्यु नहीं चलाया जा सका। आज सुबह पुलिस, आर्मी एसडीआरएफ, प्रशासन व रेस्क्यु टीम ने संयुक्त रेस्क्यु अभियान शुरू किया। साढ़े ग्यारह बजे तक रेस्क्यू टीम ने कमलेश्वरी देवी का शव निकाल दिया। अन्य को निकालने का कार्य जारी बताया गया।

‘‘स्वामी राम मानवता पुरूस्कार 2015‘‘ ‘‘परिवार आश्रम‘‘ के संस्थापक विनायक लोहानी को मिला
  • स्वास्थ्य के  क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाएं सरकार के साथ बनें पार्टनर: मुख्यमंत्री 

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देहरादून, 13  नवम्बर ।  डॉ. स्वामी राम के महासमाधि दिवस पर एचआईएचटी द्वारा सालभर में स्वामी राम मानवता पुरूस्कार दिया जाता है। इस बार यह प्रतिष्ठित श्श्स्वामी राम मानवता पुरूस्कारश्श् 2015 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के हाथों पश्चिम बंगाल में अनाथ, आदिवासी और देह व्यापार में लिप्त महिलाओं के बच्चों को आश्रय देने वाले श्श्परिवार आश्रमश्श् के संस्थापक विनायक लोहानी को दिया गया।  इस बार का प्रतिष्ठित ‘‘स्वामी राम मानवता पुरूस्कार‘‘ 2015 प्राप्त करने वाले कोलकाता के  ‘‘परिवार आश्रम‘‘ के संस्थापक विनायक लोहानी को समाज में योगदान के लिए 2011 में राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय अवार्ड व द टेलीग्राफ की ओर से ‘‘ट्रू लेजेंट अवार्ड‘‘ प्राप्त विनायक लोहानी भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय में केंद्रीय सलाहकार शिक्षा बोर्ड के सदस्य भी हैं। इस प्रतिष्ठित सम्मान में विनायक लोहानी को संस्थान की ओर से एक स्वर्ण पदक ,प्रशस्ति पत्र तथा पांच लाख रुपये का नकद पुरूस्कार दिया गया।  इसके अलावा संस्थान सहित प्रदेश भर के 780 मेधावी छात्र-छात्राओं को लगभग तीन करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी गयी। वहीँ संस्थान में कार्यरत 25 कर्मचारियों को सर्वश्रेष्ठ कार्मिक पुरुष्कार से भी सम्मानित किया गया।  हिमालयन इंस्टिट्यूट के संस्थापक डॉ. स्वामीराम की महासमाधि की 19वीं वर्षगांठ के अवसर जौलीग्रांट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वामी राम को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के परिवार आश्रम के संस्थापक विनायक लोहानी को स्वामीराम मानवता पुरस्कार 2015 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने हिमालयन इंस्टिट्यूट व हिमालयन विश्वविद्यालय में कार्यरत कार्मिकों को भी पुरस्कार वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि स्वामी राम के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यहीं होगी कि उनके द्वारा शुरू किये गये जनकल्याण के मिशन को दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम करें। समाज के वंचित और निर्बल वर्ग के कल्याण के लिए सोचे, उनके लिए काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में अभी भी बहुत कुछ किया जाना है। उन्होंने हिमालयन इंस्टिट्यूट सहित अन्य संस्थाओं का आह्वान किया कि वे सरकार के साथ एक पार्टनर की भूमिका में आगे आये। स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए एक-एक जिले में ऐसी संस्थाएं सहयोगी के रूप में सरकार के साथ काम करे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि आज भागीदार का समय है, सरकार और समाजसेवा से जुड़ी संस्थाओं को एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा, तभी समाज में एक बदलाव आयेगा।  उन्होंने कहा कि स्वामी राम ने जिस कल्पना के बल पर यह संस्थान खड़ा किया था, उसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सा सेवा के माध्यम से मानव सेवा करना था। हिमालयन इंस्टिट्यूट द्वारा कैंसर संस्थान की स्थापना कर सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हल्द्वानी में भी कैंसर यूनिट की स्थापना कर रही है, जो अत्याधुनिक सुविधाओंयुक्त हो। स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय हमें प्रेरणा देने का काम करता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री रावत ने इससे पूर्व स्वामी राम सेंटर में पहुंचकर ब्रहा्रलीन डॉ. स्वामीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम को नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वामीराम भविष्यदृष्टा थे। उन्होंने मानव कल्याण के लिए जो कार्य किये है, उनके लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। वहीँ इस बार का प्रतिष्ठित ‘‘स्वामी राम मानवता पुरूस्कार 2015 प्राप्त करने वाले कोलकाता के  ‘‘परिवार आश्रम‘‘ के संस्थापक विनायक लोहानी ने कहा कि एक व्यक्ति को मानवता की भलाई व अच्छे कार्य के लिए कोई संस्था खोलने की जरुरत नहीं है। समर्पण तथा लगातार म्हणत का दूसरा कोई विकल्प नहीं है। कार्य क्षमता और आदर्श काफी मायने रखते हैं। हिमालयन इंस्टिट्यूट संस्थान के अध्यक्षीय समिमि के सदस्य डॉ. विजय धस्माना ने स्वामी राम से जुड़े संस्मरण व्यक्त किये। साथ ही हिमालयन इंस्टिट्यूट व हिमालयन विश्वविद्यालय के कार्यकलापों की जानकारी दी। श्री धस्माना ने बताया कि संस्थान द्वारा इस वर्ष 780 निर्धन व मेधावी छात्र-छात्राओं को लगभग तीन करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। कार्यक्रम में विधायक ऋषिकेश प्रेमचंद अग्रवाल, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. उमाकांत पंवार, पद्यश्री डॉ. आर.के.जैन, वैद्य बालेन्दु, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, हिमालयन इंस्टिट्यूट के डॉ. विजय धस्माना, डॉ. मोहन स्वामी, विक्रम चैधरी, डॉ. सुनील सैनी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी राम साधक ग्राम आश्रम के प्रमुख आध्यात्मिक निर्देशक स्वामी ऋतुवान भारती द्वारा लिखित ‘‘एट द फीट ऑफ हिमालयन मास्टर‘‘ पुस्तक के खंड छह का भी मुख्यमंत्री द्वारा विमोचन किया गया। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद हजारों लोगों के संस्थान द्वारा आयोजित भंडारे में शिरकत की।

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