पटना। ईसाई धर्मरीति के अनुसार अनिल साह को दफन कर दिया गया। इसके पूर्व अनिल साह के पार्थिव शरीर को प्रेरितों की रानी ईश मंदिर में लाया गया। फादर अरूण अब्राहम,फादर सुशील साह,फादर सेराफिम जौन,फादर जौर्ज हिलारियन,फादर मैथ्यू चैम्पलानी,फादर अब्राहम पुतुमुना, फादर एंड्रू, फादर जाॅनसन केलकत,फादर के0सी0फिलिप, फादर फिलिप,फादर स्कारिया, फादर सेवास्टियन आदि येसु समाजी पुरोहितों ने मिस्सा किया। मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर अरूण अब्राहम थे। जो अनिल साह के पड़ोसी हैं।
अपने संबोधन में फादर अरूण ने अनिल साह के व्यक्तित्व एवं कृतिव्य पर गहन रूप से प्रकाश डाला। उनके अंदर विघार्थी जीवन से ही नेतृत्व करने की क्षमता थीं। इसके कारण कलीसिया,समाज और परिवार को प्रगति पथ पर ले जाने वाले कृत्य किए। मिस्सा समाप्त हो जाने के बाद पार्थिव शरीर को कब्रिस्तान में लाया गया। ईसाई समुदाय को विश्वास है कि कयामत दिनों में अन्य लोगों की तरह अनिल साह भी पुर्नजीर्वित हो जाएंगे। माहौल गमगीन था। कोई शख्स नहीं बचे जो आंसू नहीं छलकाएं। इस बीच फादर जाॅनसन ने प्रार्थना करने के बाद पार्थिव शरीर को मिट्टी के हवाले करवा दिया। उनकी पत्नी स्टेला साह, पुत्र सिसिल साह, पुत्र राजन साह और उनके बहनों ने चित्कार मारकर रोने को विवश थे। उनलोगों का कहना था कि पापा सेवा करवाएं ही रूखस्त हो गए। मालूम हो कि बुधवार को घर (कुर्जी क्रिश्चियन काॅलोनी) में दिल का दौरा पड़ा। उसके बाद चिर निन्द्रा में चले गए।
मौके पर एंग्लो-इंडियन समुदाय के झारखंड विधान सभा के मनोनीत सदस्य विधायक जीजे गोलस्टेन, पश्चिम मैनपुरा ग्राम पंचायत के मुखिया निलेश प्रसाद, मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया भाई धर्मेन्द्र, पटना सदर के उप प्रमुख नीरज यादव, संत माइकल उच्च विघालय के प्राचार्य, कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पिटल की प्रशासिका आदि उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें