काबुल, 25 दिसंबर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि अफगानिस्तान को एक सफल देश बनाने के लिए भारत, पाकिस्तान और ईरान समेत सभी पड़ोसी देशों को एकजुट होकर काम करना होगा क्योंकि इसी से इस क्षेत्र की समृद्धि का रास्ता निकलेगा। श्री मोदी ने अफगान संसद को संबोधित करते हुए कहा, “जब अफगानिस्तान शांति का स्वर्ग और विचारों के प्रवाह, वाणिज्य, ऊर्जा और निवेश का केंद्र बनेगा तो इस क्षेत्र में हम सभी समृद्ध बनेंगे। मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान तथा उससे आगे के देशों के बीच पुल का काम करेगा।” प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि वह दिन दूर नहीं है जब मध्य एशिया की ऊर्जा से हमारा क्षेत्र में समृद्धि आएगी, जब काबुलीवाला एक बार फिर आसानी से भारत जाकर दिलों को जीतेगा, जब हम भारत में अफगानिस्तान के फलों का मजा ले सकेंगे और जब अफगानों को पसंदीदा भारतीय उत्पाद खरीदने के लिए भारी कीमत नहीं देनी होगी।
अफगानिस्तान को भारत की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच एकदूसरे के लिए बेइंतहा प्यार है। दोनों देशों के लोग एकदूसरे की संस्कृति, सिनेमा, संगीत, शायरी, भोजन और त्योहारों को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा,“ अब तो हम एकदूसरे के क्रिकेट को भी चाहने लगे हैं। हमें खुशी है कि अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम को दिल्ली के करीब मैदान मिला है जहां वह अगले साल होने वाले विश्वकप की तैयारी कर रही है।” उन्होंने कहा,“ हमारी साझेदारी से ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्कूल, सिंचाई के साधन, स्वास्थ्य केंद्र, बाल कल्याण और महिलाओं को अवसरों की सुविधाएं मिली हैं। हमने मिलकर जो सड़कें बनायी हैं उनसे क्षेत्रों के बीच दूरियां घटी है, बिजली पारेषण लाइनों और बिजली स्टेशनों से अफगानों के घरों में उजाला हुआ है। सेटेलाइट लिंक से शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधा बेहतर हुई है।”
श्री मोदी ने कहा कि किसी देश के निर्माण में मानव संसाधन का सबसे अधिक महत्व होता है। भारत अफगानिस्तान के लोगों के कौशल विकास में अपना योगदान देता रहेगा। अफगानिस्तान के 1000 छात्रों को भारत में छात्रवृत्ति देने की योजना जारी रहेगी और साथ ही अफगान सुरक्षा बलों के शहीदों के बच्चों को भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम लिए बगैर कहा,“ कुछ ऐसे हैं जो हमें यहां नहीं देखना चाहते हैं। उन्हें यहां हमारी मौजूदगी में साजिश नजर आती थी। कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें हमारी साझेदारी से परेशानी है। कुछ ने तो हमें हतोत्साहित करने की भी कोशिश की। लेकिन हम यहां हैं क्योंकि हमें खुद पर विश्वास है और आपने कभी हमारी प्रतिबद्धता और दोस्ती पर सवाल नहीं उठाया। भारत यहां किसी होड़ में शामिल नहीं है बल्कि उसका मकसद अफगानिस्तान के भविष्य को संवारना है।” श्री मोदी ने अंत में जंजीर फिल्म के गीत यारी है ‘ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी’ का उल्लेख किया। यह गीत अभिनेता प्राण पर फिल्माया गया था जिन्होंने शेर खान की भूमिका निभाई थी।

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