नयी दिल्ली, 25 दिसंबर, उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए आयोग गठित करने के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए केन्द्र से इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार श्री जंग ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है जिसमें 1952 के जांच आयोग कानून का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि यह कानून केवल केन्द्र और राज्य सरकारों को आयोग गठित करने का अधिकार देता है क्योंकि दिल्ली संघ शासित प्रदेश है इसलिए आयोग का गठन का अधिकार उपराज्यपाल के मार्फत केवल केन्द्र को है। समझा जाता है कि उपराज्यपाल ने अपने पत्र में सीएनजी फिटनेस घोटाले के बारे में दिल्ली सरकार द्वारा जांच आयोग गठित करने का हवाला दिया है जिसे केन्द्र सरकार ने इसी आधार पर निरस्त कर दिया था।
उधर, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जांच आयोग के गठन को सही बता रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग के गठन का मामला उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मुख्यमंत्री ने डीडीसीए में कथित घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आज फिर निशाना साधा है। उनका कहना है कि श्री मोदी और अरुण जेटली जांच से क्यों डर रहे हैं। दिल्ली सचिवालय में 15 दिसंबर को केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा “हमने सहयोग किया, आप भी जांच आयोग के साथ सहयोग करें, हम नहीं डरे तो आप जांच आयोग से क्यों भयभीत हैं।

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