नयी दिल्ली,23दिसंबर, दिल्ली उच्चन्यायालय ने राजधानी में एक जनवरी से निजी गाड़ियों के लिए सम-विषम फाॅर्मूला लागू करने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की येाजना पर अंतिरम रोक लगाने से आज इन्कार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्तिजयंत नाथ की पीठ ने इस सबंध में दायर उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया जिसमें न्यायालय से अनुरोध किया गया था कि वह सरकार की सम विषम नबंर योजना के मामले में अतंरिम राहत देते हुए इसपर कम से कम छह जनवरी तक राेक लगा दे। न्यायालय के समक्ष इस मामले में कुछ और जनहित याचिकाएं भी दायर की गई हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि उसे अभी इस बारें में कोई पुष्ट जानकारी नहीं है कि दिल्ली सरकार सम विषम योजना को एक जनवरी से लागू भी करने जा रही है या नहीं ऐसे में वह इस मामले में पहले से किसी तरह की अंतरिम राहत कैसे दे सकता है। न्यायालय ने कहा कि इस सबंध में दायर सभी जनहित याचिकों पर अगली सुनवाई छह जनवरी को की जाएगी।
पीठ ने कहा कि जहां तक उसकी जानकारी है दिल्ली सरकार ने अभी तक सम -विषम योजना को अंतिम रूप नहीं दिया है। दिल्ली सरकार के वकील पीयूष कालरा ने भी अपनी दलील में यह बात कही कि प्रस्तावित योजना के लिए उनके पास अभी तक कोई अधिसूचना नहीं है। हालांकि न्यायालय ने दिल्ली सरकार को शारीरिक रूप से अक्षम एक याचिकाकर्ता निपुण मल्होत्रा की मांग पर विचार करने को कहा है। मल्होत्रा याचिकार्ताओं में एक है। उन्होंने अदालत से अपील की है कि उनके जैसे यात्रियों को अपने वाहन इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए क्योंकि सार्वजनिक परिवहन शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के अनुकूल नहीं हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने का हवाला देते हुए प्रयोग के तौर पर पहली जनवरी से 15 जनवरी तक हर दिन बारी -बारी से सम और विषम नबंर के निजी वाहन चलाए जाने की योजना का प्रस्ताव रखा है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें