एनपीजीसी परियोजना की प्रधानमंत्री 30 दिसम्बर को करेंगे समीक्षा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 दिसंबर 2015

एनपीजीसी परियोजना की प्रधानमंत्री 30 दिसम्बर को करेंगे समीक्षा

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औरंगाबाद 23 दिसम्बर, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम(एनटीपीसी)और बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी का संयुक्त उपक्रम नवीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी(एनपीजीसी)के औरंगाबाद जिले में करीब 2000 मेगावाट की क्षमता वाले विद्युत संयंत्र का निर्माण कार्य इन दिनों पूरे जोर पर है और इसके चालू होते ही बिहार विद्युत के क्षेत्र में काफी हद आत्मनिर्भर हो जायेगा। औरंगाबाद जिले के विकास के साथ ही पूरे राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर छाया कोहरा अब छंटने को है। जिले के नवीनगर और बारून प्रखंडों की सीमा पर स्थापित होने वाली यह सुपर थर्मल पावर प्लांट ऐसी परियोजना है जिसके पूरी होने पर यह औरंगाबाद देश के मानचित्र में स्थान पा सकता है। नवीनगर प्रखंड में शिवनपुर गांव के निकट प्लांट का निर्माण कार्य इन दिनों पूरे जोरों पर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 दिसम्बर को राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ केन्द्रीय परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान इस परियोजना की प्रगति की जानकारी ले सकते हैं। परियोजना के पूरी हो जाने के बाद इस संयंत्र से 1980 मेगावाट(660X3)विद्युत उत्पादन होगा। क्षमता के अनुरूप विद्युत उत्पादन के लिए कंपनी को करीब 112.50 लाख टन कोयले की प्रतिवर्ष आवश्यकता होगी जिसके लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) से समझौता हो चुका है तथा करनपुरा कोलफील्ड्स से प्लांट को कोयले की आपूर्ति होगी। 

एनपीजीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.पी सिन्हा परियोजना में हुई देरी को लेकर थोड़े सशंकित जरूर हैं लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रथम चरण का कार्य अगले एक से डेढ़ साल में पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरी कोशिश है कि परियोजना के प्रथम चरण का कार्य मई 2017 तक हर सूरत में पूरा कर लिया जाये। जिला प्रशासन से इस दिशा में अच्छा सहयोग मिल रहा है। प्रत्येक सप्ताह में तीन दिन जिलाधिकारी इस संबंध में बैठक कर रहे हैं। महत्वाकांक्षी केंद्रीय योजनाओं में काफी अहम इस परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी काफी सक्रिय है। राज्य के ऊर्जा विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत कई बार इस परियोजना स्थल का दौरा कर चुके हैं औरंगाबाद के जिलाधिकारी सप्ताह में तीन दिन इस संबंध में बैठक कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस परियोजना के लिए कुल 2832 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इन सक्रियताओं और तथ्यों से अलग श्री मोदी 30 दिसंबर को इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके पूर्व भू-अधिग्रहण लक्ष्य को पूरा करने के साथ ही विस्थापित किसानों को त्वरित रूप से लंबित मुआवजे का भुगतान करने का आदेश जिला प्रशासन को दिया है। 

श्री मोदी बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार राज्य के मुख्य सचिवों के साथ 30 दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ)ने बिहार के मुख्य सचिव को चर्चा के विषयों को भेजकर 7० शब्दों में जवाब के साथ तय तिथि को मौजूद रहने को कहा है। औरंगाबाद जिले के नवीनगर पावर जेनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की नवीनगर पावर प्रोजेक्ट के लिए 1620 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शेष है। इसी भूमि पर टाउनशिप (आधारभूत ढांचे के साथ छोटा शहर) का भी निर्माण होना है। इस परियोजना का कुल खर्च 15,132 करोड़ रुपये अनुमानित है। 

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