लखनऊ 24 दिसम्बर, बहुचर्चित निर्भया काण्ड के एक गुनहगार की रिहाई के विरोध में आज यहां मनाये गये काला दिवस में शामिल युवाओं ने उसे उत्तर प्रदेश की सीमा में नही घुसने देने का संकल्प लिया। आक्रोशित युवाओं का स्पष्ट कहना था कि लचर कानून का फायदा उठाकर एक दोषी भले ही रिहा हो गया हो लेकिन उसे उत्तर प्रदेश की सीमा में घुसने नहीं दिया जायेगा। वह सूबे के बदायूं का रहने वाला है। दरिंदगी की सीमाएं तोड देने वाले निर्भया काण्ड के एक गुनहगार को रिहा किये जाने के विरोध में काले गुब्बारे छोडे गये और उसका पुतला जलाया गया। इस मौके पर खासी तादाद में शिरकत करने वाले लोगों को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की छोटी पुत्रवधू अपर्णा यादव ने कहा कि दोषी भले ही रिहा हो गया हो लेकिन उसे उत्तर प्रदेश में घुसने नहीं दिया जायेगा। कोशिश की जायेगी कि वह फिर से सलाखों के पीछे जाये।
श्रीमती यादव ने कहा कि सूचना के अधिकार (आर टी आई) के जरिये निर्भया के हत्यारे की पहचान और अन्य चीजों की जानकारी हासिल कर सार्वजनिक किया जायेगा। निर्भया की मां का कहना था कि नाबालिग दोषी को उम्र का फायदा नहीं मिलना चाहिए था। अन्य दोषियों की तरह उसे भी सजा दी जानी चाहिए थी। उसकी रिहाई से वह आहत हैं और मानती है कि उनकी बेटी के साथ न्याय नहीं हुआ। निर्भया के पिता ने कहा कि दोषी की रिहाई से गलत संदेश गया है । ऐसा घृणित कार्य करने वाले गुनहगार की इतनी जल्दी रिहाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जुनेवाइल विधेयक को संसद ने भले ही पारित कर दिया हो लेकिन उनकी बेटी को इससे कुछ नहीं मिलने वाला। एक दोषी को नाबालिग होने का फायदा मिल ही गया। गौरतलब है कि 16 दिसम्बर 2013 को वीभत्स काण्ड में निर्भया से बलात्कार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गयी थी। 13 दिन मौत से संघर्ष करने के बाद सिंगापुर में उसकी मृत्यु हो गयी थी।

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