- कैट ने दिया विभिन्न वर्गों के लिए अलग अलग कार्य समयनिर्धारित करने का सुझाव
दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा आज दिल्ली में सम-विषम फॉर्मूले कोलागू करने के ब्लू प्रिंट को व्यापारियों के संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने दिल्ली के व्यापार के हितों के विरुद्ध बताया और कहा की इस से दिल्ली काव्यापार विपरीत रूप से प्रभावित होगा ! कैट ने सुझाव देते हुए कहा की इस फॉर्मूले केबजाय दिल्ली में विभिन्न वर्गों के लिए अलग अलग कर समय निर्धारित किये जाएँ तोकाफी हद तक प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है और किसी को परेशानी भी नहीं होगी ! कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खण्डेलवाल ने कहा की दिल्ली के व्यापारी बड़ी संख्यां मेंदिल्ली सटे इलाके नोयडा,फरीदाबाद,गुडगाँव तथा अन्य जगहों पर रहते हैं ! यह एकसर्विदित तथ्य है की व्यापारी के पास हमेशा नकद राशि रहती है और जिस दिन उनकेपास कार नहीं होगी वो नकद राशि कैसे लेकर जाएंगे ? क्या यह उनकी जान माल कीसुरक्षा को खतरा नहीं होगा ? शायद सरकार ने फार्मूला बनाते समय इस पर ध्यान नहींदिया !
उन्होंने यह भी कहा की श्री केजरीवाल द्वारा जारी विवरण में ट्रक-टेम्पो को कोई छूट नहींहै जबकि दिल्ली में लगभग 80 प्रतिशत सामान सड़क परिवहन के द्वारा आता है औरसम-विषम का यह फार्मूला उन पर लागू होने से दिल्ली की सप्लाई लाइन पर बहुत बड़ाफर्क पड़ेगा और दिल्ली में वस्तुओं की किल्लत भी होगी और उनके दाम बढ़ने कीसम्भावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता ! अपने अलग अलग कार्य समय निर्धारित करने के सुझाव के बारे उन्होंने कहा की प्राय :सभी ऑफिस एवं मार्किट 10 बजे एक साथ खुलते हैं जिसके कारण सड़कों पर वाहनों कीभीड़ बढ़ जाती है और ट्रैफिक जाम का रूप ले लेती है जिस से पर्यावरण प्रदूषित होता है !यदि कार्य समय में परिवर्तन करते हुए विभिन्न वर्गों के लिए अलग अलग समय निर्धारितकर दिया जाए तो एक ही समय पर सड़कों पर चलने वाले वाहनों में कमी आएगी औरट्रैफिक जाम भी नहीं होगा वहीँ दूसरी ओर सरकारी ट्रांसपोर्ट जैसे बसें, ऑटो, मेट्रो आदिपर भी भीड़ न होने की सम्भावना होगी !
अलग अलग समय का अर्थ है की कुछ वर्ग के कार्यालय सुबह 8 बजे खुलें वहीँ कुछ 9 बजेओर बाकी सब 10 बजे खुले ओर इसी आधार पर कार्य समाप्ति का समय निर्धारित हो !श्री खण्डेलवाल ने कहा की ऐसा होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ज्यादा बोझ नहीं होगा औरलोगों को शारीरिक एवं मानसिक तनाव से भी बचाया जा सकेगा ! उन्होंने बताया कीसिंगापुर में वर्ष 1975 से यह सिस्टम सफलतापूर्वक चल रहा है ! उन्होंने दिल्ली सरकारसे आग्रह किया है की इस सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाए और सभी सम्बंधितवर्गों से सलाह मशविरा किया जाए ! प्रमुख अधिवक्ता सुश्री शिल्पी जैन ने कहा की कैट द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दायरएक याचिका पर विचार के दौरान जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने भीइस प्रकार का सुझाव दिया था और सरकार से कहा था की सभी सम्बंधित पक्षों सेबातचीत कर इसपर चर्चा की जाये लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया !उन्होंने कहा की यह सुझाव बेहद तार्किक है ओर सरकार को इस पर विचार करना चाहिए

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