सरकार के ही भरोसे शिक्षा क्षेत्र में नहीं हो सकता सुधार : चौधरी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 23 दिसंबर 2015

सरकार के ही भरोसे शिक्षा क्षेत्र में नहीं हो सकता सुधार : चौधरी

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दरभंगा 23 दिसम्बर, बिहार के शिक्षा एवं प्राैद्योगिकी मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है जो सिर्फ सरकार से भरोसे नहीं हो सकती। इसके लिए जनान्दोलन की जरूरत है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डा.नागेन्द्र झा महिला महाविद्यालय में पूर्व शिक्षा मंत्री डा0 नागेन्द्र झा की 13वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में डा.चौधरी ने कहा कि बिहार देश के उन अग्रणी पांच राज्यों में शामिल है जो अपने बजट का 25 प्रतिशत धन शिक्षा क्षेत्र में खर्च करता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद दुर्भाग्य है कि राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में राज्य का स्थान 25वें पायदान पर है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कारकों को दूर करने की जरूरत है। डा़ चौधरी ने कहा कि पहले बिहार विश्व को दिशा देने का काम करता था। आज भी संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) समेत प्रतिष्ठापूर्ण परीक्षाओं में सबसे ज्यादा विद्यार्थी बिहार के ही उत्तीर्ण होते हैं और वे राज्य का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार से बाहर जाने वाले विद्यार्थी तो अच्छा करते हैं लेकिन यहां ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को ऐसा मौका विभिन्न कारणों से नहीं मिल पाता है। 

शिक्षा मंंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के बिहार का निर्माण हमारे समक्ष चुनौती है। उन्होंने शिक्षाविदों एवं युवाओं का 21वीं सदी का विकसित राज्य बनाने के लिए आगे आने आह्वान किया । उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को बदलने के लिए जनान्दोलन में अपनी भागीदारी देकर शिक्षा को पटरी पर लाने एवं बच्चों एवं राष्ट्र को विकसित बनाने में सहयोग करें। डा.चौधरी ने कहा कि जल्द ही शिक्षा परिषद गठित किया जाएगा जिसमें सभी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ विचार करके नीति तय की जायेगी। उन्होेंने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए भी राज्यपाल सह कुलाधिपति के साथ बैठक की गयी है। आगामी 12 जनवरी को राज्यपाल ने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों समेत उच्च शिक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक आहूत की है। उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि डेढ़ से दो लाख रुपये तक वेतन लेने वाले प्रोफेसर छात्रों का रोना रोते हैं और छात्र शिकायत करते हैं कि शिक्षक पढ़ाते नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत एवं प्रोफेसरों को छह घंटा अध्यापन कार्य करना जरूरी है। 

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक भोला यादव ने राज्य सरकार की प्रत्येक पंचायत में एक उच्च विद्यालय खोलने की घोषणा पर तुरंत कार्य शुरू करने की अपील की। उन्होंने शिक्षा नीति में बदलाव की भी आवश्यकता पर बल दिया। विधायक अमिता भूषण ने शिक्षा की बदहाली दूर करने में आम लोगों से सहयोग की अपील की है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा0 सैयद मुमताजुद्दीन ने विश्वविद्यालय की उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डालते हुए यहां की समस्याओं को दूर करने की भी अपील की। इस मौके पर राज्य के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डा़ मदन मोहन झा भी उपस्थित थे। 

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