नयी दिल्ली 23 दिसंबर, संसद के शीतकालीन सत्र के अाखिरी दिन आज राज्यसभा में विपक्ष की आपत्ति के बावजूद मात्र 10 मिनट के भीतर तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना चर्चा के पारित करा दिया गया। उप सभापति पी जे कुरियन ने प्रश्नकाल स्थगित होने के बाद जब एक बजे सदन की कार्यवाही शुरू की तो कानून मंत्री डी वी सदानंद गौडा ने वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग विधेयक 2015 चर्चा आैर पारित कराने के लिए पेश किया। जिसे सदन ने बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके अलावा सदन ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक 2015 को भी बिना चर्चा के पारित कर दिया। इसे भी श्री गौडा ने पेश किया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा़ जितेंद्र सिंह ने परमाणु ऊर्जा (संशोधन) विधेयक 2015 पेश किया और इसे पारित करने का आग्रह किया। कांग्रेस के जयराम रमेश के एक सवाल के जवाब में उन्होेंने बताया कि इससे परमाणु संयंत्रों में सार्वजनिक कंपनियों की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत तक हो सकेगी। सदन ने इस विधेयक को भी बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने सूचना प्रदाता सरंक्षण (संशोधन) विधेयक 2015, भू संपदा (विनिमय और विकास) और चीनी उपकर (संशोधन ) विधेयक 2015 को पेश करने की अनुमति नहीं दी।

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