राज्यसभा में 10 मिनट के भीतर तीन विधेयक पारित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 23 दिसंबर 2015

राज्यसभा में 10 मिनट के भीतर तीन विधेयक पारित

within-10-minutes-passed-three-bills-in-the-rajya-sabha
नयी दिल्ली 23 दिसंबर, संसद के शीतकालीन सत्र के अाखिरी दिन आज राज्यसभा में विपक्ष की आपत्ति के बावजूद मात्र 10 मिनट के भीतर तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना चर्चा के पारित करा दिया गया। उप सभापति पी जे कुरियन ने प्रश्नकाल स्थगित होने के बाद जब एक बजे सदन की कार्यवाही शुरू की तो कानून मंत्री डी वी सदानंद गौडा ने वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग विधेयक 2015 चर्चा आैर पारित कराने के लिए पेश किया। जिसे सदन ने बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके अलावा सदन ने मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक 2015 को भी बिना चर्चा के पारित कर दिया। इसे भी श्री गौडा ने पेश किया था। 

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा़ जितेंद्र सिंह ने परमाणु ऊर्जा (संशोधन) विधेयक 2015 पेश किया और इसे पारित करने का आग्रह किया। कांग्रेस के जयराम रमेश के एक सवाल के जवाब में उन्होेंने बताया कि इससे परमाणु संयंत्रों में सार्वजनिक कंपनियों की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत तक हो सकेगी। सदन ने इस विधेयक को भी बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने सूचना प्रदाता सरंक्षण (संशोधन) विधेयक 2015, भू संपदा (विनिमय और विकास) और चीनी उपकर (संशोधन ) विधेयक 2015 को पेश करने की अनुमति नहीं दी।

कोई टिप्पणी नहीं: