माल्दा 11 जनवरी, पश्चिम बंगाल के माल्दा आयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सांसदों की टीम को आज यहां रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया और उन्हें जबरन कोलकाता जाने वाली ट्रेन पर चढा दिया गया। इस टीम का नेतृत्व करने वाले सांसद एस एस आहलुवालिया ने पत्रकारों से कहा “ हम यहां सच्चाई जानने आये थे। हम यहां किसी तरह की जांच के लिए नहीं आये थे और हमारे यहां आने का मकसद केवल लोगों में विश्वास बहाली करना था। ” भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी सांसद एस एस आहलुवालिया, भूपेन्द्र यादव और बी डी राम के दल को माल्दा के दौरे पर भेजा था।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ता कमलेश तिवारी द्वारा तीन जनवरी को उत्तर प्रदेश में की गयी पैगम्बर मोहम्मद साहब को लेकर की गयी कथित टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल के कालीचक में हिंसा भड़क गयी थी और इसके बाद एक लाख से अधिक मुस्लिम कार्यकर्ता इस टिप्पणी के विरोध में एकत्र हो गये थे। प्रदर्शनकारियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक जीप को लूट लिया और एक पुलिस थाने पर हमला किया इसके अलावा कारों को आग लगा दी साथ ही एक व्यक्ति को गोली भी मार दी। पुलिस ने बताया कि ये लोग जब प्रदर्शन कर रहे थे उस समय लगे जाम में बीएसएफ की जीप के फंसने के बाद दिक्कत शुरू हुई थी।
भाजपा का आरोप है कि राज्य में सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस की सरकार हिंसा में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि यह हिंसा कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं थी बल्कि स्थानीय लोगों और बीएसएफ के बीच हुई झडप थी। भाजपा का आरोप है कि कालीचक पुलिस थाने पर हमला करने वाले लाेग वहां मौजूद अपराध के रिकाॅर्डों को नष्ट करना चाहते थे और राज्य सरकार हिंसा करने वालों को बचना चाहती है।

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