पटना 04 जनवरी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता के दो केन्द्र बन गये हैं और राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ठीक उसी तरह से शासन चला रहे हैं जिस तरह से केन्द्र की डा. मनमोहन सिंह सरकार में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चलाती थीं । श्री मोदी ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ने को लेकर चार दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नसीहत देने वाले श्री यादव रविवार को अचानक इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस :आई जी आई एम एस: का निरीक्षण करने पहुंच गए । श्री कुमार को बताना चाहिए कि श्री यादव ने किस हैसियत से आईजीआईएमस का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया । भाजपा नेता ने कहा कि क्या इससे यह साबित नहीं हो रहा है कि बिहार में सत्ता के दो केन्द्र बन गए हैं। श्री नीतीश कुमार के सिर पर ताज और श्री लालू प्रसाद यादव का राज चल रहा है । उन्होंने कहा कि इससे बेहतर तो यह होता कि श्री कुमार श्री यादव को ‘सुपर सीएम’ का दर्जा देकर उन्हें ठीक उसी तरह सलाहकार परिषद का चेयरमैन बना लें जिस तरह से तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने श्रीमती सोनिया गांधी को बना लिया था।
श्री मोदी ने कहा कि श्री यादव का बेटा सूबे का स्वास्थ्य मंत्री है जो विधानमंडल में बीमारी का बहाना बना कर सवालों के जवाब देने से बचते हैं और बेटा की जगह श्री यादव आईजीआईएमस का निरीक्षण कर वहां के निदेशक तथा विभागीय प्रधान सचिव को निर्देश देते हैं । उन्होंने कहा कि यदि श्री यादव का बस चले तो वे कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करने भी चले जाए । भाजपा नेता ने कहा कि सच्चाई यह है कि श्री यादव मुख्यमंत्री श्री कुमार को जहां कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल साबित कर रहे हैं वहीं सरकार के कार्यों में सीधा हस्तक्षेप कर उन्हें उनकी हैसियत भी बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री यादव श्री कुमार को केवल नसीहत ही नहीं दे रहे हैं बल्कि बार-बार उन्हें 80 विधायकों का सुप्रीमो और ‘बड़े भाई’ होने का अहसास भी करा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि इससे बड़ी हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है कि अपने 15 साल के लम्बे शासनकाल के दौरान बिहार को ‘अव्यवस्था’ का पर्याय बनाने वाले श्री यादव आज कानून-व्यवस्था, सुशासन और अपराध नियंत्रण का गुर सीखा रहे हैं । उन्होंने कहा कि श्री यादव को बड़े भाई मान चुके श्री कुमार को अब उन्हें अपना ‘गुरु’ भी मान लेना चाहिए।

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