पटना 04 जनवरी, भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है लेकिन राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन ने अभी अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है । बिहार से राज्यसभा की पांच सीट जुलाई में रिक्त होने वाली है और वर्तमान गणित के अनुसार भाजपा सिर्फ अपने एक प्रतिनिधि को ही राज्यसभा भेज सकती है । शेष चार सीटें महागठबंधन के खाते में जायेगी। इनमें से दो राज्यसभा सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल:राजद: अपना प्रतिनिधि आसानी से भेज सकता है । भाजपा सूत्रों के अनुसार राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों में से एक पर श्री मोदी को उपरी सदन में भेजने की तैयारी हो रही है। श्री मोदी ने 25 वर्ष के अपने राजनीतिक जीवन का अधिकाशं समय बिहार की राजनीति पर केन्द्रित रखा है । श्री मोदी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में भागलपुर से चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा लेकिन करीब डेढ़ वर्ष के अंदर ही वापस राज्य की राजनीति में लौट आये और 2005 में बिहार के उप मुख्यमंत्री की जिम्मेवारी संभालने के बाद लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था ।
श्री मोदी वर्ष 2006 से बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं और फिलहाल वह परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं। श्री मोदी का कार्यकाल वैसे तो 05 जून 2018 को समाप्त हो रहा है लेकिन पार्टी चाहती है कि श्री मोदी के लंबे राजनीतिक और सरकार में काम करने के अनुभवों का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर मिले । सूत्रों की मानें तो बिहार विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद राज्यसभा के होने वाले चुनाव में श्री मोदी के चुने जाने के बाद उन्हें नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण स्थान मिल सकता है । राष्ट्रीय स्वयं सेवक से गहरे तौर पर जुड़े श्री मोदी पिछड़ी जाति से हैं और इनका इस्तेमाल पश्चिम बंगाल, असम और उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए किया जा सकता है ।
दूसरी ओर महागठबंधन के लिए चार उम्मीदवारों के नाम तय करने में थोड़ी कठिनाई नजर आ रही है । विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से राजद अपना दो प्रतिनिधि आसानी से राज्यसभा भेज सकता है। राजद सूत्रों के अनुसार पार्टी ने इसके लिए श्री लालू प्रसाद यादव की पुत्री मीसा भारती और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम लगभग तय कर लिया है जबकि अन्य दो सीट के लिए जनता दल यूनाइटेड और कांग्रेस के बीच फैसला होना है। कांग्रेस के समर्थन से ही जदयू के दो प्रतिनिधि राज्यसभा जा सकते हैं । गौरतलब है कि 243 बिहार विधानसभा में राजद के 80 ,जदयू के 71 ,भाजपा के 53 , कांग्रेस के 27 , लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के 02 ,हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के एक-एक , भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी के 03 और चार निर्दलीय सदस्य हैं ।

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