नयी दिल्ली 11 जनवरी, वाहन उद्योगों के संगठन सियाम ने आज कहा कि दिल्ली सरकार के आॅड-ईवेन फाॅर्मूले के कई सकारात्मक नतीजे रहे हैं। सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आज संवाददाताओं से कहा कि सरकार की इस योजना से सड़कों पर जाम कम हुआ है। लोग कार पूलिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी सुधरेगी। श्री माथुर ने कहा कि इससे व्यावसायिक वाहन बनाने वाली कंपिनयों को भी लाभ होगा। सार्वजनिक परिवहन में सुधार के लिए सरकार बस तथा अन्य छोटे व्यावसायिक यात्री वाहन खरीदेगी जिससे निर्माता कंपनियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के स्तर के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है कि इसमें कमी आयी है या नहीं, लेकिन इस योजना के कई सकारात्मक नतीजे रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने इस साल 01 जनवरी से राष्ट्रीय राजधानी में प्रयोग के तौर पर यह योजना शुरू की है जिसके तहत विषम तिथियों में विषम नंबर की निजी कारें और सम तिथियों पर सम नंबर की निजी कारें चल रही है। फिलहाल यह प्रयोग 15 जनवरी तक चलेगा। दिल्ली में 2000 सीसी से ज्यादा क्षमता के इंजन वाले डीजल वाहनों की बिक्री पर रोक के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बारे में सियाम के उप महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि हर जीवाश्म ईंधन का कुछ नफा और कुछ नुकसान है। डीजल की ऊर्जा दक्षता पेट्रोल की तुलना में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि किसी तकनीक को पूरी तरह प्रतिबंधित कर देना कोई उपाय नहीं है। सरकार हमें यह बताये कि डीजल वाहनों का मानक क्या होना चाहिये और वाहन उद्योग उसका पालन करेगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ दिल्ली में यह प्रतिबंध लगने से वाहनों की बिक्री पर कुल मिलाकर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन, कुछ कंपनी विशेष पर इसका असर अधिक हो सकता है जिनके डीजल वाहनों की स्थानीय बिक्री ज्यादा है।

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