नयी दिल्ली, 10 जनवरी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और रामसेवकों ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के संकल्प के साथ यहां आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का समापन किया। दिल्ली विश्विद्यालय के कला संकाय में ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन आरएसएस के नेता चंपत राय ने कहा “बगैर किसी शंका के इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अयेाध्या में राम मंदिर का अस्तित्व था। आज प्रत्येक हिंदू गर्व के साथ अपना सिर ऊंचा करता है। कनाडा के एक विशेषज्ञ ने विवादास्पद स्थल का निरीक्षण कर वहां पर मंदिर होने की पुष्टि की थी और इस बात के दावे के लिए वहां से 280 प्राचीन कलाकृतियां मिली हैं।”
वहीं पेशे से उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता विक्रम ने कहा “अयोध्या अब एक संवैधानिक मुद्दा बन चुका है और मामला अब अदालत में लंबित है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों ने इस मामले में अपील दायर की है। हमारा तर्क यह है कि यह पूरा स्थल पवित्र है और इसे टुकड़ों में नहीं बांटा जाना चाहिए। अयेाध्या में राम मंदिर होने के साक्ष्य मिल चुके हैं और वहां पर किसी भी परिस्थिति में राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए।”
एक अन्य वक्ता संजय कुमार ने कहा “यह संघर्ष केवल मंदिर के लिए ही नहीं है बल्कि राष्ट्र के सम्मान के लिए है और हम अपने लक्ष्य के पूरा होने तक संघर्ष करना जारी रखेंगे।” भाजपा के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कल सम्मेलन के पहले दिन कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए जरुरी है, लेकिन इस संबंध में जबरदस्ती से या कानून के खिलाफ जाकर कुछ नहीं किया जाएगा।”

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