पेंशनधारियों हेतु डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र
भारत सरकार द्वारा वरीष्ठ नागरीकों एवं पेंशनधारीयों के लिये डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सेवा प्रारंभ की गई है जिसके तहत कोई भी नागरिक अपने आधार नम्बर का उपयोग कर डिजिटल प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकता है। यह जीवन प्रमाण पत्र आधार नम्बर का उपयोग कर बनाया जायेगा।
शस्त्र लाईसेंस अनुज्ञप्ति हेतु संशोधित शुल्क निर्धारित
मध्य प्रदेश शासन द्वारा शस्त्र लाईसेंस की अनुज्ञाप्ति से संबधित संशोधित शुल्क निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश राजपत्र 14 दिसम्बर 2015 में प्रकाशित भारतीय स्टाम्प संशोधन विधेयक 2015 अनुसार रिवाल्वर एवं पिस्टल की अनुज्ञप्ति हेतु 5 हजार रूपये तथा रिवाल्वर एवं पिस्टल से भिन्न अन्य शस्त्र की अनुज्ञप्ति हेतु 2 हजार रूपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार शस्त्र लाईसेंस की नवीनीकरण हेतु भी शुल्क में संशोधन किया गया है। अब रिवाल्वर एवं पिस्टल के लाईसेंस नवीनीकरण पर 2 हजार रूपये तथा रिवाल्वर एवं पिस्तोल से भिन्न अन्य शस्त्र के लिए 1 हजार रूपये का शुल्क लगेगा।
गेहूँ की फसल में खरपतवार नियंत्रण हेतु सलाह
किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि वर्तमान समय में जिन किसान भाईयों की गेहूॅ की फसल 18-21 दिन की हो गई है तो प्रथम सिंचाई सीआरआई अवस्था (क्राउन रूट निकलते समय) पहली सिंचाई करें। इस सिंचाई के करने से फसल अच्छी वृद्धि करती है। इसी प्रकार से जिन किसान भाईयों के खेतों में गेहॅूँ की फसल में खरपतवार जैसे गेहूं सा (फेलेरिस माइनर) जंगली जई, दूब घास, हिरन खुरी, बथुआ आदि का प्रक्रोप होता है। इन खरपतवारों के कारण गेहूँ की फसल में 30-45 प्रतिशत की हानि हो सकती है। अतः जिन किसान भाईयों के खेत में चैडी पत्ती वाले खरपतवार दिखाई दे रहे है तो 2-4 डी सोडियम लवण 80 प्रतिशत डब्ल्यूपी 01 लीटर दवा 500-600 लीटर पानी में मिलाकर पहली सिंचाई के बाद स्प्रे करें। इसी प्रकार से जिन किसान भाईयों के खेत में सकरी पत्ती वाले खरपतवार दिखाई दे रहे हो तो मेटसल्फ्यूरॉन मिथाईल 20 प्रतिषत डब्ल्यू.पी 20-30 ग्राम मिली. हे.500-600 लीटर पानी में मिलाकर पहली सिंचाई के बाद स्प्रे किया जाना चाहिए। जिन किसान भाईयों के खेत में चैडी एवं सकरी पत्ती वाले खरपतवार दिखाई दे हो तो किसान भाई सल्फोसल्फ्यूरॉन 75 प्रतिषत डब्ल्यूपी फीनोन्सोप्रोप इथाइल 10 प्रतिषत ईसी दवा का मिश्रण 500-600 लीटर पानी में मिलाकर किसान पहली सिंचाई के बाद खेत में नमी रहने पर खरपतवार नियंत्रण हेतु उपयोग कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए किसान भाई अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी कृषि विकास अधिकारी या विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से सम्पर्क कर सकते है।

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