नयी दिल्ली, 15 मार्च, प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने राज्यसभा के सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों से अपने अनुभवों का इस्तेमाल देश सेवा में करने की अपील करते हुए आज कहा कि सार्वजनिक जीवन जीने वाला व्यक्ति कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। श्री मोदी ने ‘राज्यसभा की सदस्यता से निवृत्त तथा निवृत्त हो रहे सदस्यों के सम्मान’ में संसद भवन परिसर में आयोजित एक समारोह में कहा कि इतने अनुभव और क्षमता वाले लोग कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होते बल्कि उन्हें राष्ट्र के हितों को देखते हुए अपनी रुचि के अनुुरुप सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम अौर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री जाॅन मेजर का उल्लेख भी किया।
उन्हाेंने सदस्यों को संबाेधित करते हुए कहा, ‘आपके पास व्यापक अनुभव की संपत्ति है। इसे देश के काम में आना चाहिए। आपका काम और आपके शब्द इतिहास का हिस्सा है। यह एक अलग तरह का अनुभव है।’ श्री मोदी ने कहा, ‘आपने देश की विभिन्न समस्याओं को कई दृष्टिकोण से देखा है और इसका लाभ समाज को भी मिलना चाहिए। इस अवसर पर राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को अपने अनुभव से देश की सेवा करनी चाहिए। सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया। ये प्रतीक चिह्न श्री अंसारी ने प्रदान किए। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन, राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन भी मौजूद थे।

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