मुंबई 06 मार्च , राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.5 प्रतिशत पर रखने के बजटीय लक्ष्य के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर में बदलाव नहीं किये जाने से उत्साहित विदेशी निवेशकों की लिवाली के बल पर बीते सप्ताह शेयर बाजार एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये। समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1492.18 अंक अर्थात 6.44 प्रतिशत उछलकर चार सप्ताह के उच्चतम स्तर 24646.48 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह से नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 6.48 प्रतिशत अर्थात 455.60 अंक चढकर 7485.35 अंक पर जा टिका। पांच सत्रों में चार सत्र बाजार में तेजी दर्ज की गयी। सोमवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली के बजट पेश करते ही शेयर बाजार में भारी बिकवाली शुरू हो गयी और आखिर में यह 152.30 अंक लुढकर कर 23002 अंक पर रहा।
वर्ष 2016-17 के बजट में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में कोई बदलाव नहीं किये जाने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के उपाय किये जाने तथा बैंकिंग तंत्र को सशक्त बनाने के बजटीय घोषणाओं से उत्साहित निवेशकों की इन समूहों की कंपनियों में हुयी लिवाली के बल पर मंगलवार से बाजार में लौटी तेजी शुक्रवार तक बनी रही। सप्ताहांत पर यह चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। इस तेजी के दौरान बड़ी कंपनियों के साथ छोटी और मझौली कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा। बीएसई का मिडकैप 6.81 प्रतिशत अर्थात 652.16 अंक उठकर 10224.48 अंक पर रहा। स्मालकैप में 7.65 प्रतिशत बढत दर्ज की गयी और यह 730.52 अंक बढ़कर 10285.75 अंक पर रहा।

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