राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की वकालत की। उन्होंने राजनीतिक दलों से इसे जल्द से जल्द पारित करने को कहा।
राष्ट्रपति प्रणब ने महिला सांसदों और विधायकों के राष्ट्रीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिला आरक्षण बिल संसद से अभी तक पारित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा है कि पार्टियां केवल बातें ही न करें, बल्कि प्रतिबद्धता के साथ इसे पारित कराने को आगे आएं।
प्रणब ने कहा कि इस मामले में दुनिया के 190 देशों में भारत का 109वां स्थान है। देश में यह स्थिति अब बदलनी चाहिए। राष्ट्रपति ने महिलाओं को आगे लाने के लिए प्रभावी प्रयास न करने के लिए राजनीतिक दलों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो तिहाई बहुमत से राज्यसभा में पारित होने के बाद भी महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं एवं परिषदों में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला बिल लोकसभा से पारित नहीं हो सका।

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