वाशिंगटन, 16 अप्रैल, पनामा गेट्स खुलासे के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कर चोरी को संरक्षण देने वाले देशों (टैक्स हेवेन्स) के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। विश्व बैंक एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए यहां आये श्री जेटली ने जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टैक्स हेवेन्स के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाने चाहिये। बैठक के बाद जी-20 द्वारा जारी आधिकारिक बयान में भी इस विषय को शामिल किया गया। इसमें कहा गया है “जी-20 एक बार फिर सभी देशों के लिए फाइनेंशल एेक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) मानकों को पूरी तरह लागू करने की जरूरत दोहराता है, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।” बयान में कहा गया है कि कर चोरी, आतंकवाद के वित्त पोषण तथा हवाला पर लगाम कसने के लिए पारदर्शिता तथा लाभकारी स्वामित्व पर सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी है। वित्त मंत्री ने आईएमएफ में अगला कोटा सुधार अक्टूबर 2017 तक लागू करने के निर्णय की तारीफ की और कहा कि नये कोटा फॉर्मूला में उनके सकल घरेलू उत्पाद के अनुरूप विकासशील देशों की आवाज, उनकी भूमिका और वोटिंग अधिकार में वृद्धि होनी चाहिये। उन्होंने आईएमएफ की तर्ज पर विश्व बैंक में भी कोटा सुधार लागू करने तथा विकासशील देशों को ज्यादा वोटिंग अधिकार देने की वकालत की।
शनिवार, 16 अप्रैल 2016
‘टैक्स हेवेन्स’ के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत : जेटली
Tags
# देश
# विदेश
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
विदेश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें