‘टैक्स हेवेन्स’ के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत : जेटली - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 16 अप्रैल 2016

‘टैक्स हेवेन्स’ के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत : जेटली

action-against-tax-heaven-need-of-the-hours-jaitley
वाशिंगटन, 16 अप्रैल, पनामा गेट्स खुलासे के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कर चोरी को संरक्षण देने वाले देशों (टैक्स हेवेन्स) के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। विश्व बैंक एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए यहां आये श्री जेटली ने जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टैक्स हेवेन्स के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाने चाहिये। बैठक के बाद जी-20 द्वारा जारी आधिकारिक बयान में भी इस विषय को शामिल किया गया। इसमें कहा गया है “जी-20 एक बार फिर सभी देशों के लिए फाइनेंशल एेक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) मानकों को पूरी तरह लागू करने की जरूरत दोहराता है, ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।” बयान में कहा गया है कि कर चोरी, आतंकवाद के वित्त पोषण तथा हवाला पर लगाम कसने के लिए पारदर्शिता तथा लाभकारी स्वामित्व पर सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी है। वित्त मंत्री ने आईएमएफ में अगला कोटा सुधार अक्टूबर 2017 तक लागू करने के निर्णय की तारीफ की और कहा कि नये कोटा फॉर्मूला में उनके सकल घरेलू उत्पाद के अनुरूप विकासशील देशों की आवाज, उनकी भूमिका और वोटिंग अधिकार में वृद्धि होनी चाहिये। उन्होंने आईएमएफ की तर्ज पर विश्व बैंक में भी कोटा सुधार लागू करने तथा विकासशील देशों को ज्यादा वोटिंग अधिकार देने की वकालत की।

कोई टिप्पणी नहीं: