नयी दिल्ली, 05 अप्रैल, सरकार के दो प्रमुख कार्यक्रमों ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ को आवश्यक समर्थन प्रदान करने और वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य कौशल मानकों के अनुरूप ‘अंतरराष्ट्रीय कौशल मानकों’ की आज से देश में शुरुआत हो गयी है। कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी ने आज यहां भारत में ‘अंतरराष्ट्रीय कौशल मानकों’ की शुरुआत करने की घोषणा की। कौशल विकास से जुड़े ये मानक समस्त 82 चिह्नित रोजगारों के मामले में ब्रिटिश बेंचमार्क के अनुरूप हैं। भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त सर डोमिनिक एसक्विथ तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव रोहित नंदन इस अवसर पर उपस्थित थे। श्री रूडी ने इस अवसर पर कहा कि कुशल श्रम बल की दक्षता में उच्च स्तर सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा का मानकीकरण अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार इन मानकों को बेंचमार्क के अनुरूप करने के लिए प्रयासरत है, ताकि भारतीय श्रम बल की अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को आवश्यक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य करने के लायक बनाया जा सके, जिनका परिचालन हमारे देश में है।
उनके मंत्रालय ने भारतीय कौशल मानकों की बेंचमार्किंग के लिए ब्रिटिश मानकों का चयन इसलिए किया है क्योंकि खाड़ी सहयोग परिषद के सभी सदस्य देश ब्रिटेन के कौशल प्रमाण-पत्र को मान्यता प्रदान करते हैं। सर डोमिनिक एसक्विथ ने कहा कि भारत एवं ब्रिटेन लम्बे समय से कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग करते रहे हैं तथा यह व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में और ज्यादा गुणवत्ता लाने की दिशा में एक और प्रयास है। व्यावसायिक शिक्षा देश भर में युवाओं के लिए रोजगार के और ज्यादा अवसर सृजित करेगी। इस कार्यक्रम के दौरान एनएसडीसी एवं एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेज (ब्रिटेन) और एनएसडीसी एवं ब्रिटेन के पुरस्कार प्रदाता संगठन सिटी एंड गिल्ड्स एंड पियरसंस एजुकेशन के बीच दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये।

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