नयी दिल्ली, 05 अप्रैल, ‘भारत माता की जय’ के नारे को लेकर देश भर में चल रहे विवाद के बीच शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने अाज कहा कि यह तो अपनी जन्मभूमि के सम्मान स्वरूप लगाया जाने वाला नारा है। इसके लिए किसी को विवश नहीं किया गया है। ऐसा कहने के लिए सरकार ने कोई सर्कुलर नहीं निकाला है। श्री नायडू ने आज यहां महिला प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ‘भारत माता की जय’ के नारे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से हाल में दिए गए विवादित बयान पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है लेकिन इसे सरकार का नजरिया समझ लेना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि कौन क्या कह रहा है। कौन अखबार क्या लिख रहा है या फिर कौन सा टेलीविजन चैनल क्या दिखा रहा है । किस तरह दिखा रहा है। इस सबके लिए सरकार को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। सरकार ने इन लोगों को ऐसा कहने के लिए कोई अधिकृत नहीं किया है। यदि वह ऐसा करती तो बात समझ में आती लेकिन इसके बिना ही हर विवाद में उसे घेरना उचित नहीं है। श्री नायडू ने कहा “ वैसे इस विवाद को अलग करके देंखें तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी अपनी मां के सम्मान में कुछ कहे जाने को गलत ठहरा सकता है। ‘भारत माता की जय’ भी अपनी जन्मभूमि के सम्मान में लगाया जाने वाला नारा है। इसमें गलत या अनुचित क्या है।’’

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