अहमदाबाद, 17 अप्रैल, गुजरात के महेसाणा में आज सरदार पटेल ग्रुप के अध्यक्ष लालजी पटेल समेत उनके संगठन की ओर से आयोजित जेल भरो आंदोलन के सैकडो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया तथा वहां आगजनी की कई घटनाओं और दो मंत्रियों के कार्यालयों पर हमलों के बाद कल सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया। सूरत में इस घटना को लेकर जम कर हंगामा हुआ जिसके बाद पुलिस ने 435 लोगों को पकड लिया। महेसाणा, सूरतमोरबी और राजकोट आदि में इंटरनेट सेवाएं कल तक के लिए बंद कर दी गयी हैं। घटना के विरोध में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति यानी पास ने कल गुजरात बंद का आहवान किया है। उधर पाटीदार आरक्षण आंदोलन के उग्र समर्थको ने सूरत के वराछा विस्तार में जम कर हंगामा किया जबकि महेसाणा में उन्होंने स्थानीय उद्योग केंद्र तथा एफसीआई के कार्यालय में तथा कई वाहनों में आग लगा दी। भीड ने गृह राज्य मंत्री रजनी पटेल के महेसाणा स्थित कार्यालय पर भी हमला कर वहां आगजनी का प्रयास किया। जिला प्रशासन की अनुमति नहीं होने के बावजूद एसपीजी की ओर से वहां एक सभा के आयोजन के बाद रैली निकाली गयी। जब यह रैली मोढेरा चौक की तरफ बढ रही थी तभी वहां बडी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर भीड ने पथराव शुरू कर दिया।
पुलिस ने भी पानी की बौछार कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड की अगवानी कर रहे श्री पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया। वह सिर पर चोट लगने से घायल हो गये थे। उनके सिर से खून बह रहा था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्हें तेज पथराव के चलते चोट लगी या वह पुलिस के लाठी चार्ज में घायल हुए। पुलिस ने 50 से अधिक अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया। भीड को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोडे गये1 ज्ञातव्य है कि मामलदार विपुल ठक्कर ने इस कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी थी। इस बीच, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के जेल में बंद नेता हार्दिक पटेल तथा अन्य की रिहाई और उनके खिलाफ मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर आयोजित अाज के कार्यक्रम के मद्देनजर भीड को राधनपुर रोड स्थित जेल तक पहुंचने से रोकने के लिए 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। इसमें एसआरपी की की दो कपंनिया तथा करीब 40 पुलिस इंस्पेक्टर और चार डीएसपी भी तैनात थे। पुलिस अधीक्षक चैतन्य मांडलिक स्वयं भी वहां मौजूद थे। उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री नीतिन पटेल ने लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि कल उनके अध्यक्षता वाली मंत्री समिति सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेगी।
हालांकि बाद में महेसाणा में भीड ने उनके कार्यालय पर पथराव कर इसे क्षतिग्रस्त कर दिया जबकि गृहराज्य मंत्री रजनी पटेल के कार्यालय में आगजनी की। दोनो मंत्रियों के कार्यालयों को गत 25 अगस्त को पाटीदार आरक्षण रैली के बाद हुई राज्यव्यापी हिंसा के बाद भी निशाना बनाया था। महेसाणा की घटना के मद्देनजर अहमदाबाद और सूरत समेत कई अन्य स्थानों पर पुलिस की तैनाती कर दी गयी है। इस बीच, महेसाणा के विसरनगर के निकट भीड ने राज्य परिवहन निगम की एक बस को जला दिया तथा दो अन्य को क्षतिग्रस्त कर दिया। अहमदाबाद के घाटलोडिया में भीड ने तीन सिटी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया। निगम ने सैकडो बसों की ट्रिप को रद कर दिया है। उधर राज्य के मुख्य सचिव जी आर अलोरिया ने स्थित की समीक्षा के लिए आज शाम एक उच्च स्तरीय बैठक की। कल ही पाटीदार आरक्षण आंदोलन के समाधान के संबंध में मंत्रियों की समिति की एक बैठक गांधीनगर में प्रस्तावित है।

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