नयी दिल्ली 25 अप्रैल, भारत ने चीन के कड़े ऐतराज के मद्देनजर उइगर नेता डोल्कुन ईसा का वीजा रद्द कर दिया है। चीनी अधिकारियों ने ईसा को आतंकवादी बताते हुए उसे भारतीय वीजा दिये जाने का कड़ा विरोध किया था। सरकार के सूत्रों ने आज स्पष्ट किया कि भारत चीन के दबाव में नहीं झुका है। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों ने विदेश मंत्रालय को ईसा के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस के बारे में अलर्ट किया था जिसके बाद सरकार ने ईसा का वीजा वापस लिये जाने के मुद्दे को उच्च स्तर पर लिया। यदि ईसा भारत की यात्रा पर आते तो उन्हें हिरासत में लेना पडता और इसके बाद उन्हे चीन के हवाले कर दिया जाता। इस बीच उइगर नेता ईसा ने भारत सरकार के इस कदम पर अपनी निराशा जाहिर की है। यूएनआई को एक ईमेल साक्षात्कार में उइगर नेता ने कहा कि उन्हें 23 अप्रैल को उनका वीजा रद्द किये जाने के बारे में सूचना मिली थी।
उल्लेखनीय है कि बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुन्यिंग ने कहा था कि अगर भारत ने डोल्कुन ईसा को वीजा दिया है तो यह गलत है। डोल्कुन एक आतंकवादी है और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस भी जारी है इसलिए सभी देशों की ज़िम्मेदारी बनती है कि उसे कानून के हवाले किया जाये। चीन का मानना है कि उसके मुस्लिम बहुल पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में आतंकवादी हमलों के पीछे डोल्कुन का हाथ है।
डोल्कुन के 28 अप्रैल से 1 मई तक हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भारतीय और चीनी लोकतंत्र पर होने वाले सम्मेलन में भाग लेने की योजना थी।

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