उत्तर प्रदेश : शिक्षा से ही होगा सामाजिक उत्थान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 2 अप्रैल 2016

उत्तर प्रदेश : शिक्षा से ही होगा सामाजिक उत्थान


  • विधायक रवीन्द्र जायसवाल ने दी जमीन मिलने पर महाविद्यालय खुलवाने का आश्वासन 
  • कलवार-जायसवाल समाज, दुद्धी का होली मिलन समारोह

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दुद्धी-सोनभद्र (सुरेश गांधी )। समाज में शिक्षा की बहुत जरूरत है। शिक्षा होगी तभी समाज तरक्की करेगा। वो समाज खत्म हो जाता है जिसके पास शिक्षा नहीं होती है। यह बातें वाराणसी के शहर उत्तरी भाजपा विधायक रवीन्द्र जायसवाल ने कहीं। वह सोनभद्र के दुद्धी में कलवार जायसवाल समाज के तत्वावधान में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे। कहा, बिखरे हुए समाज को एक होने की जरूरत है। बेटियों को शिक्षा दें इससे समाज की तरक्की होगी। समाज ऐसे नेताओं से दूर रहे जो समाज की राजनीति तो करते हैं, लेकिन समाज को उनकी जरूरत होती है तब वो गुम हो जाते हैं। 

समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि रवीन्द्र जायसाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद समाज की पुस्तिका का विमोचन भी किया। तत्प्श्चात समाज के लोगों को संबोधित करते हुए रवीन्द्र जायसवाल ने कहा वे यूपी में इकलौता समाज का विधायक है, वह भी अवैतनिक। चह चाहते है कि समाज के लोग घर की राजनीति करने के बजाय व्यवसाय को देखते हुए राजनीति की मुख्यधारा से जुड़े। राजनीति में एक बात का विशेष ध्यान रखें कि राजनीति का पैसा घर में न आने दे। क्योंकि उसका दुरुपयोग होता है। इसका घर-परिवार पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने समाज के लोगों को शिक्षा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा बच्चे माता-पिता का पुश्तैनी काम संभालें, लेकिन जबतक वह शिक्षित नहीं होगें तो वह घर का कामकाज भी ठीक से नहीं कर सकेंगे। खासकर बालिकाओं को उच्च शिक्षा के बगैर सामाजिक विकास की बात बेमानी होगी। इसके लिए हम सभी को प्रयास करके दुद्धी तहसील मुख्यालय के इर्द-गिर्द महिला महाविद्यालय संचालित कराना होगा। जिससे समाज के साथ अन्य जाति के बालिकाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे शहरों की और रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा, अगर उन्हें सौ एकड जमीन उपलब्ध हो जाय तो वे विश्व विद्यालय की स्थापना कराने का प्रयास करेंगे। जायसवाल समाज के लोगों की यह जिम्मेदारी है कि वे सर्वसमाज के हित में कार्य करते हुये बच्चों को शिक्षित बनायें। समाज की नारी समाज का यह दायित्व है कि वे बच्चियों की शिक्षा पर अवश्य ध्यान दें एवं उन्हें घरेलू कार्य में न लगायें। उन्होंने नारी सशक्तीकरण, महिलाओं की शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या पर बल दिया। कहा यदि एकता इसी तरह रही तो भविष्य हमारा होगा। मेरे जीवन में पहली बार एक साथ दिख रही सम्पूर्ण समाज की शक्ति, जो बेहतरी के संकेत है। 28 प्रतिशत वैश्य समाज को एक साथ एक मंच के नीचे संगठित होना पड़ेगा तभी आपका सम्मान करने के लिये सम्पूर्ण देश बाध्य होगा। 

समारोह की अध्यक्षता कर रहे दुद्धी कलवार जायसवाल समाज के अध्यक्ष रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि समाज के लोगों को अपने आत्मविश्वास बढ़ाने की जरुरत है। एकजुटता से ही समाज आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाज की बेटियों को सम्मान देना सभी का कर्तव्य है। भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों से लोग बचें। बालकृष्ण जायसवाल ने कहा कि जायसवाल समाज के लोग अपनी एकजुटता बनाए रखें। एकजुटता से किसी भी समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने समाज में शिक्षा के प्रसार पर बल दिया। जायसवाल समाज के लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को शिक्षित करने में कमी न लाए। साथ ही दहेज प्रथा जैसी अन्य कुरीतियों को समाज से दूर करने का संकल्प लिया गया। तत्पश्चात् स्वजातीय बच्चों ने सांस्कृतिक बालकृष्ण की पुत्री मानवीय जायसवाल की देखरेख सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि सोनभद्र भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार ने होली पर बिरहा प्रस्तुत की और सबका साथ सबका विकास का नारा देते हुए महिलाओं के सम्मान के लिए लोगों को आगे आने का आह्वान किया। अंत में समाज के लोगों ने गुलाल का टीका एवं गले लगाकर एक-दूसरे को होली की बधाई दी। विशिष्ठ अतिथि विधायक रूबी प्रसाद ने भी कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज को एक धागे में पिरोने का बल मिलता है। वे बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। समारोह में बीएचयू के प्रोफेसर डा. यूपी शाही, बीएचयू के रीडर विकास जायसवाल, कामता प्रसाद जायसवाल, बालकृष्ण जायसवाल, डा मिथिलेस, डा. राजकिशोर सिंह, अमरनाथ जायसवाल, भीम कुमार जायसवाल, दिनेश कुमार आढ़ती, गंगा प्रसाद, पंकज जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल, अनिल कुमार जायसवाल आदि का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा अतिथि विजय जायसवाल, यूपी शाही, अजय जायसवाल, वीरेंद्र जायसवाल ने भी स्वजातीय बंधुओं से मार्मिक अपील करते हुए सामाजिक उत्थान की बात कही। समारोह की अध्यक्षता देवनारायण जायसवाल व संचालन सुनील जायसवाल ने किया। 

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