आज से 2359 वर्ष पूर्व पाटलिपुत्र (पटना) की धरती पर पैदा हुए एवं यही की मिट्टी, पानी मे पले बढ़े मौर्य वंश के संस्थापक सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रपौत्र अशोक का जन्म चैत्र सुदी शुक्ल पक्ष अष्टमी को हुआ था। विश्व इतिहास में सम्राट अशोक का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है। पूर्व के इतिहासकारों ने सम्राट अशोक के सम्बन्ध में नकारात्मक कपोल कल्पित टिप्पणी कर उन्हें विस्मृति के गर्त में डाल दिया था। नये शोध एवं अन्वेषण के उपरान्त उनके जगह-जगह स्थापित स्तम्भ, शिलालेख से उनकी महानता उभर कर सामने आयी है।
भारत के प्रचाीन अवशेषों से यह प्रमाणित हो चुका है कि इस धरती पर सम्राट अशोक ही एक मात्र ऐसे राजा हुए जिन्होंने अखण्ड भारत पर सफलता पूर्वक राज किया बल्कि उनके बाद भी सात पीढि़यों तक मौर्य वंश का शासन रहा। उनके कार्यकाल को भारत का स्वर्ण युग माना जाता है। विश्व बन्धुत्व की भावना से सम्पूर्ण एशिया महाद्वीप में तथागत बुद्ध के संदेशों को फैलाकर भारत को विश्वगुरू का दर्जा भी सम्राट अशोक ने ही दिलाया था। उनके द्वारा स्थापित नालन्दा महाविहार, विक्रमशीला महाविहार एवं तक्षशिला महाविहार ज्ञान विज्ञान के केन्द्र थे जहाँ विश्व भर के छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते थे इसकी गवाही इन महाविहारों के खण्डहर आज भी देते है। सम्राट अशोक द्वारा स्थापित बोधगया महाविहार (तथागत बुद्ध की ज्ञान स्थली) आज भी विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में एक है। जहाँ दुनिया भर के श्रद्धालु अपनी श्रद्धा सुमन भेंट करने प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में आते है।
मानव जीवन को सुखमय बनाने वाले आज अनेको संसाधन उपलब्ध हैं किन्तु शांति के बजाय अशान्ति बढ़ रही हैं, लोग एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देख रहे है, समाज में आपसी प्रेम एवं सहनशीलता का घोर अभाव देखा जा रहा है। ऐसी परिस्थिति मे हमें इस दिशा में सोचने पर विवश कर दिया है कि आखिर सम्राट अशोक की नीतियों में क्या खूबी थी, जो उनके पड़ोसी राज्य की प्रजा भी अपने राजा को सम्राट अशोक की अधिनता स्वीकार करने पर विवश करती थी। आवें हम सब मिलकर महान सम्राट अशोक के जन्म दिन पर मिल बैठकर फिर से अखण्ड भारत के निर्माण का संकल्प लें। कार्यक्रम का आयोजन 14 अपै्रल 2016 को दारोगा प्रसाद राय स्मृति भवन, दारोगा राय पथ पटना में किया गया है जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे।
उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय लालू प्रसाद के साथ राज्य के सभी मंत्रियों, सासदों, विधायकों, विधान पार्षदों सहित पंचायत प्रतिनिधिेयों एवं फिल्म कलाकार सीपि सिहां, रवि किशन, प्रियंका पंडित, नारेद प्रसासद, सनोज मिश्रा, संजय भूषण मुकेश कुमार आदि को भी आमंत्रित किया गया है।

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