कोलकाता, 02 अप्रैल, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बड़ा बाजार में गुरुवार को एक निर्माणाधीन फ्लाइअोवर गिरने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास रहने वाले लोगों को आज अपने मकान खाली करने का नोटिस दिया ताकि बिना किसी बाधा के राहत एवं बचाव कार्य हो सके। इस हादसे में 26 लोगों की मौत हो गयी और 100 से अधिक घायल हुए थे। राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये , घायलों को दो-दो लाख और मामूली रुप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का फैसला किया है। फ्लाइओवर के अासपास बहुत पुरानी बहुमंजिली इमारतें हैं। अभी भी दो ट्रक मलबे में फंसे हुए हैं। स्थानीय नागरिक 2012 से ही फ्लाइअोवर के निर्माण कार्य का विरोध करते रहे हैं। राज्य में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जब सत्ता में आई थी तब से ही इस निर्माण कार्य का विरोध किया जा रहा था। टीएमसी ने जब इस फलाइओवर का निर्माण कार्य शुरु किया तब इस पर रोक लगाने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की गयी थी।
एक स्थानीय व्यापारी ने कहा,“ वाम मोर्चे की सरकार के समय कुछ खंबो का निर्माण किया गया था लेकिन स्थानीय नागरिकों के विरोध के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया था। टीएमसी ने जब इस फ्लाइओवर का निर्माण कार्य शुरु किया तो हमने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन कार्य जारी रहा और यह मामला अपने आप बंद हो गया।” इस बीच भारतीय जीवन बीमा निगम ने पीड़ितों की सहायता के लिये एक सहायता डेस्क लगाने का फैसला किया है। एलआईसी एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज कहा,“ अगर इस हादसे से संबंधित कोई दावा हमारे पास आता है तो हम 24 घंटे के अंदर मामले का निपटारा कर देंगे। विवेकानंद रोड फ्लाइओवर के बीमाकर्ता यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी भी दुर्घटना स्थल पर जल्द ही अपनी जांच टीम भेजेगी।

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