वाशिंगटन 17 अप्रैल, केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के तेज आर्थिक विकास पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए कई कदम उठा रही है। विश्व बैंक एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए यहां आये श्री जेटली ने कहा, “भारत ने तेज विकास दर बरकरार रखी है। मैं खुश हूँ कि भारत को प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों में ‘उम्मीद की किरण’ माना जा रहा है।” उन्होंने कहा, “भारत की विकास दर वित्त वर्ष 2015-16 में निर्यात में गिरावट एवं दो साल लगातार प्रतिकूल मानसून के बावजूद पिछले वित्त वर्ष के 7.2 प्रतिशत की तुलना में 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि मानसून सामान्य रहा और बाह्य माँग में वृद्धि हुई तो विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।”
श्री जेटली ने देश की विकास को और तेज करने, कारोबार के माहौल को सही करने तथा सरल प्रक्रियाओं से कारोबार को आसान करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि इसके मद्देनजर कई कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश की बाधाओं को दूर करने के लिए प्रगतिशील कर नियमों को भी अमल में लाया जा रहा है। इसके लिए कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति को आसान किया गया है तथा अधिकांश मामलों में ऑटोमेटिक रूट को मान्य किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही दिवालिया संहिता को भी प्रभाव में लाया जाएगा। सरकार ने ढाँचागत क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय ढाँचागत निवेश फंड की भी स्थापना की है। वित्त वर्ष 2016-17 के बजट में भी सड़क, रेल एवं बंदरगाह जैसे ढाँचागत संरचनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों की मदद से विनिर्माण एवं स्टार्टअप क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहित किया गया है।

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