बागी विधायकों पर कल भी होगी सुनवाई, फैसले की उम्मीद - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।


मंगलवार, 26 अप्रैल 2016

बागी विधायकों पर कल भी होगी सुनवाई, फैसले की उम्मीद

hearing-on-bail-mla-continue-tomorrow
नैनीताल 25 अप्रैल, उत्तराखंड में कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में नैनीताल उच्च न्यायालय में आज भी सुनवाई पूरी नहीं हो पायी। अब सुनवाई कल भी जारी रहेगी और कल ही इस पर फैसला भी आ सकता है। न्यायमूर्ति यू. सी. ध्यानी की एकल पीठ में चल रही सुनवाई के दौरान बागी विधायकों के वकील सी. ए. सुन्दरम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने 35 विधायकों के विरोध के बावजूद विनियोग विधेयक को ध्वनिमत से पारित घोषित कर दिया। इन में कांग्रेस के नौ विधायक भी शामिल थे। उन्होंने सवाल उठाया कि कुल 68 सदस्यों की मौजूदगी में 35 सदस्यों के विरोध करने पर विधेयक पारित कैसे घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि विधेयक यदि ध्वनिमत से पारित हो गया तो नौ कांग्रेसी विधायकों को बागी कहकर उनकी सदस्या कैसे समाप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा असल में अध्यक्ष ने कानून और नियमों की मर्यादा को नजरअंदाज किया। अध्यक्ष ने दल-बदल कानून की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर नौ विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। उन्हें सुनवाई का पूरा मौका नहीं दिया गया। उन्हें दस्तावेज मुहैया नहीं कराए गए, ताकि सरकार को बचाया जा सके। बहुमत साबित करने से पहले सभी नौ विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए नोटिस के जवाब में सवाल भी नहीं पूछने दिए गए। अध्यक्ष की और से उनके अधिवक्ता कपिल सिब्बल कल अपना पक्ष रखेगें। 

कोई टिप्पणी नहीं: