नयी दिल्ली, 07 अप्रैल, पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के पठानकोट दौरे को लेकर भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित की टिप्पणी का भारत ने पुरजोर खंडन करते हुए कहा है कि यह दौरा परस्पर आदान-प्रदान के आधार पर तय हुआ था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने आज कहा,“ हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि जेआईटी के भारत दौरे से पहले ही यह सहमति बन गई थी। भारतीय उच्चायोग ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सूचना दे दी थी कि यह दौरा परस्पर आदान-प्रदान के आधार पर ही होगा और इस पर दोनों के बीच सहमति बनी थी।
आज दिये गये श्री बासित के इस बयान पर भारत -पाकिस्तान शांति प्रक्रिया निलंबित है , श्री स्वरूप ने कहा“ मैंने कई बार कहा है कि दोनों देश एक दूसरे के संपर्क में हैं और दोनों पक्षों ने यह बात दोहरायी है। ” उल्लेखनीय है कि श्री बासित ने आज यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘मुझे लगता है कि इस समय शांति प्रक्रिया निलंबित है। दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बैठक का फिलहाल कोई कार्यक्रम तय नहीं है। देखते हैं कि यह संवाद प्रक्रिया कब शुरू हो पाती है। ” पठानकोठ हमले की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम को पाकिस्तान बुलाने की अनुमति के सवाल पर उन्होंने पहले के रुख से पलटते हुए कहा कि यह मामला बराबरी की लेन देन की यात्रा का नहीं बल्कि जांच में परस्पर सहयोग का है ताकि घटना की तह तक पहुंचा जा सके।

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