नयी दिल्ली, 06 अप्रैल, भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में आतंकवाद काे मुख्य मुद्दा बताते हुए आज कहा कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर काे प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर चीन के वीटो के फैसले को उसके नेतृत्व के समक्ष उच्च स्तर पर उठाया है। विदेश सचिव एस. जयशंकर ने यहाँ कार्नेजी इंडिया के उद्घाटन अवसर पर कहा कि पाकिस्तान अपने आप में एक अलग श्रेणी है। हमने उसके साथ रिश्ताें में तमाम चुनौतियों के बावजूद अपना फोकस आतंकवाद पर ही कायम रखा है। जब तक हम आतंकवाद के मुद्दों का समाधान नहीं करते तब तक यह कहना मुश्किल है कि पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य हो सकते हैं। डाॅ. जयशंकर ने कहा कि अातंकवाद जैसे जटिल मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय आमराय बनाना एक कठिन परीक्षा है और इसके नतीजे का इंतजार है।
पठानकोट हमले के सूत्रधार एवं जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर काे प्रतिबंधित करने संबंधी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर चीन के वीटाे का जिक्र आने पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने इस मसले को उच्च स्तर पर उठाया है और इसे संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ में उठाया गया है। कार्नेजी इंडिया की स्थापना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से साझा लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। भारतीय कूटनीति का मकसद अपने प्रमुख साझीदारों को यह समझाना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में ही उनका रणनीतिक हित हैं। हमारे द्विपक्षीय संबंधों के बढ़ते दायरों ने भारत की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता मजबूत की है।

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