नयी दिल्ली, 06 अप्रैल, कांग्रेस ने पनामा पेपर खुलासे में भारतीय मुद्रा की छपायी के लिए ठेका देने में कमीशन लेने संबंधी खुलासे को गंभीर बताते हुए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में गठित विशेष जांच दल(एसआईटी) से इसकी जांच कराने की आज मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा कि 2003 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार के कार्यकाल के दौरान भारतीय मुद्रा की छपाई को लेकर खुलासा हुआ है कि इसमें 15 प्रतिशत कमीशन लिया गया था। नोटों की छपायी के लिए ठेका देते समय अावश्यक शर्तों का भी पालन नहीं किया गया था।
पनाम पेपर लीक मामले की बहुविभागीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की यह आंख में धूल झोंकने की कोशिश है और कांग्रेस इसे खारिज करती है। उन्होंने भारतीय नोट छापने के मामले में कमीशन देने संबंधी खुलासे को अत्यधिक गंभीर बताया और कहा कि इस मामले में धांधली संबंधी खुलासा सचमुच सही है तो यह बहुत गंभीर स्थिति है और इसका देश पर गहरा असर होगा। उन्होंने कहा कि ठेका देने में यदि कमीशन नहीं लिया गया था तो राजग को बताना चाहिए कि 3.74 करोड़ रुपए का भुगतान किसे किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें