रांची, 19 अप्रैल, झारखंड के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चन्द्र प्रकाश चौधरी ने अाज स्थानीयता को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा(झामुमो) की मंशा पर सवाल खड़ा किया और कहा कि झामुमो ने शुरू से ही इस मुद्दे पर राज्य की जनता को ठगने का काम किया है। श्री चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पिछली अर्जुन मुण्डा सरकार को स्थानीयता के मुद्दे पर गिराकर और बाद में मुख्यमंत्री बनकर सरकार की अगुवाई करने वाले हेमंत सोरेन सरकार चलाने के दौरान स्थानीयता को भूल गये और जब राज्य की मौजूदा रघुवर दास सरकार ने स्थानीय नीति को मूर्त रूप दे दिया है तो उसका स्वागत करने के बजाय विरोध कर रहे हैं। दरअसल झामुमो अपनी गलती को छुपाने के लिए विरोध की भाषा बोल रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि झामुमो को स्थानीय नीति की इतनी चिंता थी तो इस मुद्दे पर अपना सुझाव क्यों नही दिया। राज्य सरकार तो बकायदा इस मुद्दे पर सभी दल व संगठन से सुझाव मांगती रही। श्री चौधरी ने कहा कि इस मामले पर बनाई गई समिति से भी झामुमो दूर हो गया। इसी प्रकार झारखण्ड लोक सेवा आयोग एवं झारखण्ड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के सिलेबस, प्रारूप व अन्य संबंधित विषयों पर संशोधन करने के लिए बनायी गई परामर्शदात्री समिति से भी झामुमो कन्नी काट गया। उन्होंने कहा कि अब जब स्थानीय नीति बन गई है तो ऐसा भी नहीं कि इसमें संशोधन नहीं हो सकेगा। जब सबकुछ संविधान में तय मापदण्ड के अनुरूप हुआ है तो संशोधन क्यों नहीं हो सकेगा। श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वयं भी संशोधन को लेकर आश्वस्त किया है। श्री हेमंत सोरेन को जब राज्य की बागडोर संभालने का अवसर मिला तब स्थानीय नीति बनाने के बजाय लोगों को भ्रम में डालते रहे और फिर से यही काम शुरू किया है। मगर अब राज्य की जनता दिगभ्रमित होने वाली नहीं है।

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