पटना 06 अप्रैल, “आज इतनी भी मयस्सर नही मैखाने में, जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में” - शेर किसका है कोई नहीं जानता लेकिन शराबी फिल्म में बोला गया महानायक अमिताभ बच्चन का ये संवाद बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद शराब पीने वाले जरूर कह रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए राज्य में शराब को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। एक अप्रैल से राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद जनता ख़ासकर महिलाओं से मिले जनसमर्थन को देखते हुए कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यंमत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंगलवार से राज्य में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा की। पूर्ण शराबबंदी के के बाद शराब की लत पकड़ चुके लोगों की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है। शराब नहीं मिलने से ऐसे लोग विक्षिप्तों के जैसा व्यवहार कर रहे हैं। राजधानी पटना समेत पूरे राज्य के कई जिलों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। बिहार के बेतिया से एक खबर आई है कि एक दारोगाजी जो पिछले 20-25 सालों से शराब पी रहे थे, अचानक इसकी बिक्री पर रोक लगने असहज बर्ताव करने लगे। दारोगा जी जब कुछ नहीं सुझा तो उन्होंने घर में रखे साबून को खाना शुरू कर दिया। हालांकि परिवारवालों की नजर तत्काल दारोगा जी पर पड़ गयी और उन्होंने उसे ऐसा करने से रोक दिया। राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से लोग खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं। शराबबंदी के बाद नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीजों की संख्या तेजी बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में 40 से अधिक लोग इन केन्द्रों में पहुंचे हैं जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। एक ओर जहां शराबी बेचैन हैं वहीं उनके घरों में चैन है। लोग सरकार के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं और राहत की सांस ले रहे हैं।
वहीं शराब बनाने , बेचने और पीने पर प्रतिबंध के एक दिन बाद ही आज पटना उच्च न्यायालय में नीतीश सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत सार्जेंट अवध नारायण सिंह ने इस फैसले को निरस्त करने के लिए लोकहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि शराब का उत्पादन, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया जाना मानवाधिकार का उल्लंघन है । इसलिए अदालत को मानवाधिकार की रक्षा के लिए इस मामले में न्यायोचित आदेश देना चाहिए । श्री सिंह याचिका में कहा है कि सेना के जवान और अधिकारियों को कैंटिन से शराब लेने के बाद अपने घरों में भी उसे पीने की इजाजत नहीं होगी । उन्होंने कहा कि एक सेवानिवृत सैन्यकर्मी होने के कारण उसे अपनी पसंद का शराब पीने का अधिकार है और उसके इस अधिकार की रक्षा होनी चाहिए । इस बीच सदाबहार अभिनेता ऋषि कपूर ने सरकार के पूर्ण शराबबंदी के निर्णय पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'शराब रखने के लिए दस साल और अवैध हथियार रखने के लिए पांच साल की सजा? वाह नीतीश... मैं अब बिहार नहीं आने वाला हूं।' शराबबंदी का फैसला विश्वस्तर पर फेल हो चुका है। जाग जाओ! इससे आपको 3 हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान भी होगा। आप 2016 में इतने अदूरदर्शी कैसे हो गये..। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने राज्य में पांच अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है। इससे पहले सरकार ने एक अप्रैल से राज्य में सिर्फ देसी शराब के निर्माण , बिक्री और उपभोग पर पाबंदी लगाई थी।

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