मुंबई विस्फोट में तीन को उम्रकैद, चार को 10 वर्ष का कारावास - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 6 अप्रैल 2016

मुंबई विस्फोट में तीन को उम्रकैद, चार को 10 वर्ष का कारावास

mumbai-explosion-case-life-imprisonment-to-3-convicts-10-yers-imprisonnment-to-four
मुंबई, 06 अप्रैल, आतंकवाद निरोधक कानून (पोटा) की विशेष अदालत ने मुंबई में दिसंबर 2002 और मार्च 2003 को हुए विस्फोटों के मामले में आज तीन दोषियों को आजीवन कारावास, चार अन्य दोषियों को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन दोषियों को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। पोटा न्यायाधीश पी आर देशमुख मुजािल अंसारी, फरहान खूट और डा. अब्दुल वाहिद को उम्रकैद, मामले के मुख्य आरोपियों में से एक एवं प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट आॅफ इंडिया के सदस्य साकिब नचान, हसीब मुल्ला, आतिफ मुल्ला और गुलाम अकबर खोटल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा कामिल शेचा, नूर मोहम्मद एवं अनवर अली को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 

सभी दोषियों को 30 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी भरना होगा। पाेटा अदालत ने मुलुंड, विले पार्ले और मुंबई सेंट्रल में हुए बम धमाकों के मामलों में उन्हें दोषी ठहराया है। गौरतलब है कि मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर छह दिसंबर 2002 को एक रेस्तरां में हुए बम धमाके में कई लोग घायल हाे गये थे। इसके बाद 27 जनवरी 2003 को विले पार्ले में एक साइकिल पर रखा एक बम फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी। तीसरा विस्फोट 13 मार्च 2003 को मुलुंड में हुआ था जिसमें 12 लोग मारे गये थे और 71 अन्य घायल हो गये थे।

कोई टिप्पणी नहीं: