पटना 18 अप्रैल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के खिलाफ कांग्रेस और वामपंथी दल समेत सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट होने की आवश्यकता है जिससे समाज को धर्म एवं जाति के आधार पर बांटने के उनके नापाक इरादों को विफल किया जा सके। श्री कुमार ने यहां मुख्यमंत्री के सरकारी आवास एक अणे मार्ग में आयोजित .. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम .. के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा और आरएसएस समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने के प्रयास में हैं लेकिन इस नापाक इरादे को कामयाब नहीं होने दिया जायेगा । उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन के रूप में धर्मनिरपेक्ष ताकत की एकजुटता पिछले विधानसभा चुनाव के समय सामने आयी थी जिसका साकारात्मक परिणाम निकला था । मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी धर्मनिरपेक्ष ताकतों के एकजुट होने पर अच्छे परिणाम सामने आयेंगे । उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी दलों को भी भाजपा तथा आरएसएस के खिलाफ बनने वाले मोर्चा या गठबंधन में शामिल किया जायेगा । उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव में किये गये वादे को भूलकर लव- जेहाद , घर वापसी, गौ मांस एवं राष्ट्र भक्ति का मुद्दा उठा रही है ।
श्री कुमार ने कहा कि भाजपा का यह हथकंडा मूल मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने का है । उन्होंने कहा कि जो शक्तियां भाजपा और आरएसएस के खिलाफ है उनके बीच अधिक से अधिक एकता होने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ एकजुट होने वाली शक्तियों का नेतृत्व करने वाले लोगों की कमी नहीं है । मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड(जदयू ) का भाजपा के साथ गठबंधन था लेकिन इस दौरान कभी भी बुनियादी मुद्दों से समझौता नहीं किया गया । उन्होंने कहा कि जब भाजपा का तेवर बदलने लगा तो उनकी पार्टी ने गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया जो सही साबित हुआ । श्री कुमार ने गुजरात में पाटीदार लोगों के आरक्षण के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि उनका संघर्ष लम्बे दौर से चल रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में सत्तारूढ़ दल उनका वोट लेकर सत्ता में आई है और उन्हें पाटीदारों के समस्या का समाधान निकालना होगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू के राज्यसभा सांसद अनिल सहनी से पार्टी की ओर से अधिकारिक तौर पर जवाब मांगा गया है और इस संबंध में पार्टी निर्णय करेगी। यह इथिक्स का विषय है। राज्यसभा के सभापति सह देश के उप राष्ट्रपति संतुष्ट होकर अभियोग चलाने की अनुमति दिये हैं, यह आचरण का सवाल है। उन्होंने कहा कि जो दल दो-दो बार उन्हें राज्यसभा में भेजा उसी दल को श्री सहनी बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर श्री सहनी को ऐसा लगता है कि वह निर्दोष हैं तो इस्तीफा देकर अपने को कोर्ट में निर्दोष साबित करना चाहिए । श्री कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि लातूर में भयंकर सूखा पड़ा है। एक-एक बूंद पानी की महता है, पानी का दुरूपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को दूर करने के लिये दिल्ली में चल रही ऑड-इवन अच्छा प्रयोग है। केन्द्र में सत्तारूढ़ दल व्यर्थ ही इसका विरोध कर रही है। उनकी तो दोहरी नीति है वे दूसरो पर कुछ बोलेंगे और अपने कुछ करेंगे। उन्होंने कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री अचानक पाकिस्तान से संबंध सुधारने पाकिस्तान गये थे तो उन्होंने इसका समर्थन किया था । उन्होंने कहा कि 5 जून को जनता के बीच लोक शिकायत निवारण कानून जनता के बीच रखा जायेगा और यह 6 जून से लागू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी काफी सफल हुआ और इस राज्य से एक सामाजिक क्रांति की शुरूआत हुयी है । उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू किये जाने के बाद दूसरे राज्यों से भी इसके लिये मांग उठने लगी है । उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश , झारखंड और उड़ीसा से शराबबंदी के समर्थन में कई संगठनों ने उन्हें निमंत्रण भेजा है । उन्होंने कहा कि वह इन राज्यों में इस मांग के समर्थन में जायेंगे ।

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