उत्साह के साथ दक्षिण भारत में हो रहे हैं हिन्दी में काम : डॉ ललिताम्बा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 18 अप्रैल 2016

उत्साह के साथ दक्षिण भारत में हो रहे हैं हिन्दी में काम : डॉ ललिताम्बा

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पटना,18 अप्रैल, कन्नड और हिन्दी की प्रख्यात लेखिका डॉ बी वाई ललिताम्बा ने दक्षिण भारत में हिन्दी से घृणा की धारणा को दुष्प्रचार करार देते हुए कहा है कि केरल और कर्नाटक में तो ललक के साथ हिन्दी सीखी जा रही है। डॉ ललिताम्बा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि दक्षिण भारत में हिन्दी से घृणा नहीं अपितु अगाध प्रेम है । कुछ अपवादों को छोड़कर पूरे दक्षिण भारत में हिन्दी की उन्नति और प्रचार कार्य हिन्दी भाषी प्रदेशों की तुलना में अधिक उत्साह के साथ हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में हिन्दी लेखन भी उत्साह से हो रहा है ।हिन्दी को मातृ -भाषा और राष्ट्र-भाषा का स्थान प्राप्त है ।हिन्दी को हर जगह सम्मान मिल रहा है । दक्षिण भारत में हिन्दी के लिए जो कार्य हो रहे हैं, उन्हें उत्तर भारत के लोगों को समझना और सम्मान देना चाहिए। यह भ्रांति दूर हो जानी चाहिए कि दक्षिण भारत में हिन्दी के प्रति घृणा है या जान-बूझ कर वहां के लोग इसकी उपेक्षा करते हैं। 

देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय,इंदौर में तुलनात्मक भाषा और साहित्य विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ ललिताम्बा ने कहा कि हिन्दी हमें भाईचारा सिखाती है।उन्होंने कहा कि हिन्दी के गुणों के कारण ही देश के महापुरुषों ने हिन्दी को देश की संपर्क भाषा के रुप में चुना ।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने तथा उसे एक सूत्र में बांधने के लिये निश्चित रूप से देश में एक भाषा का होना आवश्यक है ।देश-विदेश में हिन्दी का ध्वज लहरा रहीं डॉ ललिताम्बा को कल रात यहां साहित्य सम्मेलन में सम्मानित किया गया । 

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