मुंबई 07 अप्रैल, कंपनियों के तिमाही परिणामों को लेकर आशंकित निवेशकों की ब्याज के प्रति संवेदनशील तथा निर्यात पर निर्भर कंपनियों के शेयरों में की गई जोरदार बिकवाली के कारण आज घरेलू शेयर बाजार 0.89 प्रतिशत तक लुढ़ककर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गये। बीएसई का सेंसेक्स बुधवार की मामूली तेजी के बाद आज 0.86 प्रतिशत यानी 215.21 अंक का गोता लगाकर 24685.42 अंक पर तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 0.89 फीसदी अर्थात् 67.90 अंक फिसलकर 7546.45 अंक पर आ गया। यह 17 मार्च के बाद का दोनों का निचला स्तर है। अधिकतर एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत के बीच सेंसेक्स 98.16 अंक की तेजी के साथ 24998.79 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 25 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पर 25013.13 अंक पर पहुँच गया। हालाँकि, यही इसका उच्चतम स्तर रहा। इसके बाद शुरू हुई बिकवाली के दबाव में पहले ही घंटे में यह 24647.48 अंक के दिवस के निचले स्तर तक उतर गया। पूरे दिन लाल निशान में रहने के बाद अंत में गत दिवस की तुलना में 215.21 अंक उतरकर यह 24685.42 अंक पर बंद हुआ।
रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में बदलाव के बाद ब्याज के प्रति संवेदनशील बैंकिंग, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद तथा ऑटो कंपनियों के शेयरों में बिकवाली जारी रही। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर डॉलर में आई गिरावट से मुख्य रूप से निर्यात पर निर्भर आईटी कंपनियों के शेयर भी टूटे। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूह में सबसे ज्यादा 2.03 प्रतिशत की गिरावट रही। आईटी, टेक, एफएमसीजी, ऑटो तथा पूँजीगत वस्तुओं के समूहों भी एक फीसदी से ज्यादा टूटे। निफ्टी भी 16.05 अंक ऊपर 7630.40 अंक पर खुला और 7630.75 अंक के दिवस के उच्चतम तथा 7535.85 अंक के न्यूनतम स्तर से होता हुआ अंतत: 67.90 अंक गिरकर 7546.45 अंक पर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में 18 में तेजी और 12 में बिकवाली रही। सबसे ज्यादा 3.36 फीसदी का नुकसान अदानी पोर्ट्स को उठाना पड़ा। मारुति सुजुकी, एचडीएफसी तथा एलएंडटी में भी दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल के शेयर सबसे ज्यादा 4.65 प्रतिशत चढ़ गये। बीएसई में कुल 2686 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1454 में बिकवाली तथा 1116 में लिवाली का जोर रहा, जबकि 116 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

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