आरक्षण को राजनीति से दूर रखने की जरूरत : संघ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 17 अप्रैल 2016

आरक्षण को राजनीति से दूर रखने की जरूरत : संघ

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नयी दिल्ली 17 अप्रैल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरक्षण को उसकी ‘मूल भावना’ के अनुरूप लागू करने की वकालत करते हुए इसे राजनीति से दूर रखने को कहा है। संघ के मुखपत्र आर्गेनाइजर के संपादकीय में कहा गया है कि राजनीतिक फायदे को दरकिनार कर आरक्षण की ‘मूल भावना’ को ईमानदारी से लागू किये जाने की जरूरत है जिससे हम जल्द से जल्द बाबा साहेब अंबेडकर की अपेक्षा के अनुसार सामाजिक समानता तथा सभी के बीच भाईचारे के उद्देश्य को हासिल कर सकें। आर्गेनाइजर का यह अंक बाबा साहब की 125 वीं जयंती पर ही केन्द्रित है। संपादकीय में कहा गया है कि जाति आधारित आरक्षण के संदर्भ में बाबा साहेब का उद्देश्य था कि लोगों में विरक्ति और अलगाववाद की भावना पैदा नहीं होनी चाहिए। वह सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र सुनिश्चित करने के लिए देश के मूल सांस्कृतिक सिद्धांत ‘आध्यात्मिक लाेकतंत्र ’ के महत्व को भलीभांति समझते थे। 

इसी को ध्यान में रखकर मंदिरों में सभी के प्रवेश के आंदोलन तथा बुद्ध के बताये मार्ग को बढ़ावा दिया गया। संपादकीय में कहा गया है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग विदेशी, विभाजनकारी और हिंसक विचारधारा पर चले हैं, वे अपनी सुविधा के अनुसार डा अंबेडकर की विरासत को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं । वे यह भूल रहे हैं कि बाबा साहेब ने डा हेडगेवार के साथ मिलकर आधुनिक युग में हमारी प्राचीन सभ्यता को जीवित रखने का काम किया। लेख में लिखा गया है कि इन लोगों को यह याद रखना चाहिए कि यद्यपि बाबा साहेब कुछ हिन्दू रिति रिवाजों की आलोचना करते थे लेकिन जब उन्होंने दूसरे विकल्प को खोजा तो उन्होंने विदेशी धर्मों या विभाजनकारी विचारधाराओं के बजाय बुद्ध के मार्ग को चुना क्योंकि वह मातृभूमि की सांस्कृतिक भावना से परिचित थे। 

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