सुरक्षा , स्वास्थ्य और पर्यावरण एनटीपीसी की प्राथमिकता - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 7 अप्रैल 2016

सुरक्षा , स्वास्थ्य और पर्यावरण एनटीपीसी की प्राथमिकता

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भागलपुर 07 अप्रैल, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) गुरूदीप सिंह ने आज कहा कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए अपने कर्मियों की लगन एवं कार्यकुशलता से एनटीपीसी विश्व की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन कंपनी बनने की ओर अग्रसर है। श्री सिंह ने यहां एनटीपीसी के कहलगांव विद्युत संयंत्र का निरीक्षण करने के बाद एक समारोह में कहा कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से आज एनटीपीसी महारत्न कंपनी के रूप में विद्युत उत्पादन के लक्ष्य के प्राप्ति में लगी हुई है। प्रबंधन भी अपने कर्मठ कर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति चिंतित है। इसके प्रति कर्मचारियों में जागरूकता लाने के लिए सभी विद्युत संयंत्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए स्वास्थ्य प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया है जिसके तहत हर परियोजना से चालीस वर्ष से उपर वाले दो- दो कर्मचारी चयनित होंगे जिन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। 

प्रबंध निदेशक ने परियोजनाओं से निकलने वाली राख का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी सभी परियोजनाओं से निकलने वाले राख की उपयोगिता को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके लिए निजी उद्यमियों को नि:शुल्क आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही इसकी उपयोगिता में बढ़ोत्तरी के लिए प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि कहलगांव बिजली संयंत्र की उत्पादित बिजली देश के प्राय: सभी हिस्सों को उपलब्ध करायी जा रही है जो इस संयंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस संयंत्र से देश के उत्तर और दक्षिण राज्यों के लोग ज्यादा लाभान्वित हो रहे है जिससे इसकी साख बढ़ी है। यह संयंत्र से उत्पादित होने वाली प्रति यूनिट बिजली के दर को कम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे पूर्व श्री सिंह ने कहलगांव संयंत्र के 2340 मेगावाट वाली सभी इकाईयों का निरीक्षण किया तथा विद्युत उत्पादन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। 

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