सूखा घोषित क्षेत्रों में गर्मीं की छुट्टियों में प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश जारी
मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग की अधिसूचना द्वारा सीहोर जिले को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है जिसमें गर्मी की छुट्टीयों में प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियो हेतु मध्यान्ह भोजन कार्यकम का क्रियान्वयन करना है। भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, प्रारंभिक शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के संबंध में जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सूखा घोषित क्षेत्रों में गर्मियों की छुट्टियों में प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों हेतु मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। इस सिलसिले में जिला पंचायत सीहोर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना अधिकारी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देशित किया है कि राजस्व विभाग के द्वारा आपके जिले के सूखा घोषित क्षेत्रों की शासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्त प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं/मदरसेा के विद्यार्थियों को गर्मियों की छुट्टियों (16 अपै्रल 2016 से 15 जून 2016 तक (सभी रविवार एवं शासकीय अवकाश को छोडकर) मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत मेनू अनुसार पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाये। इस अवधि में कार्यक्रम के समुचित क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण के दायित्व राज्य शासन द्वारा पूर्व में समय समय पर सामान्य अवधि में क्रियान्वयन हेतु जारी किये गये निर्देशों के अनुसार यथावत् रहेंगे। सूखा घोषित क्षेत्रों की शासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्त प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं/मदरसों में गर्मी की छुट्टियों में 16.04.16 से 15 जून 16 तक सभी दिवस, शासकीय अवकाश दिवस को छोडकर मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन हेतु कार्यवाही करें। इसके अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, शिक्षकों, जनशिक्षा प्रभारी और जनशिक्षक, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक तथा संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच व पंचायत सचिव की बैंठक बुलाकर सख्त निर्देश जारी करे कि मध्यान्ह भोजन के सुचारू क्रियान्वयन का अनुश्रवण करें। मध्यान्ह भोजन हेतु (गर्मी की छुट्टियों मे) प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक/शिक्षक तथा पालक शिक्षक संघों/स्वसहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
अतएव किचनशेड, बर्तन व कच्ची सामग्री की साफ सफाई तत्काल कराई जाना सुनिश्चित करें। शाला स्तर पर मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए खाद्यान्न एवं राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करना। भोजन बनाने के लिए खाद्यान्न के अतिरिक्त अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। गर्मी की छुट्टियों में चूंकि शाला नहीं लगेगी, अतः प्रत्येक शाला में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के भोजन वितरण के लिये समय प्रातः 9.00 बजे से 11.00 बजे तक नियत कर लिया जाये, ताकि इस समय पर विद्यार्थी शाला में आकर भोजन ग्रहण कर सकें। इसके साथ ही सभी पालकों को इस आशय की सूचना दी जाये कि गर्मी की छुट्टियों में भी मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का वितरण होगा। अतः सभी पालक प्राथमिक तथा माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत पुत्र/पुत्रियों को भोजन ग्रहण करने हेतु शाला में नियत समय पर भेजें। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के ग्रीष्मकाल के भोजन विरतण संबंधी प्रचार प्रसार हेतु ग्राम के शाला भवन एवं ग्राम पंचायत भवनो पर सूचना का लेखन कराया जावें। भोजन पकाने के लिए ताजी सब्जियों व खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाये। प्रत्येक दिन ताजा भोजन पकाकर ही वितरित किया जाये। किसी भी स्थिति में बासा भोजन वितरित न किया जाये, क्योंकि ग्रीष्म काल में पका हुआ भोजन शीघ्र ही खराब होता है। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के पूर्व निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन भोजन का सेम्पल 24 घंटे सील बंद डब्बे में सुरक्षित रखा जावे। विद्यालय में भोजन पकाने वाले कर्मचारी (रसोईया/स्व सहायता समूह द्वारा भोजन प्रदाय के पूर्व भोजन की गुणवत्ता शिक्षक व माताओं द्वारा चखने के उपरांत ही विद्यार्थियों को वितरित किया जावे। ग्रीष्मकालीन अवकाश में मध्यान्ह भोजन की सतत व प्रभावी माॅनिटरिंग हेतु अधिकारी/कर्मचारियों को दायित्व सौपते हुये ‘‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’’ अंतर्गत ग्राम सभाओं हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भी मध्यान्ह भोजन की माॅनिटरिंग करवाई जाएगी। भोजन ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाये। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन में माताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भी अपने कार्यक्षेत्र के अधीन सूखा घोषित क्षेत्रों की शालाओं में गर्मी की छुट्टियों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन का अनुश्रवण करें। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का संचालन जिले से दिये गये पूर्व सभी निदे्रशों के अनुसार ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें