नोएडा 05 अप्रैल, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टैंडअप इंडिया स्कीम को पिछड़े और कमजोर वर्ग के लोगों और महिलाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने वाला सशक्त माध्यम बताया और कहा कि स्कीम के जरिये इन वर्गों से ढाई लाख उद्यमी तैयार होंगे। श्री जेटली ने आज यहां स्टैंडअप इंडिया के शुभारंभ के मौके पर कहा, “अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही यह योजना देश में सामाजिक बदलाव का कारक बनेगी। इसके जरिये इस वर्ग के लोग खुद का कारोबार शुरू कर सकेंगे। मुद्रा बैंक के जरिये उन्हें ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि साहूकार से लिये गये ऋण पर 25 से 30 प्रतिशत तक का ब्याज देना होता है। लोगों को अपना कारोबार शुरू करने और साहूकारों के चंगुल से मुक्त करने के उद्देश्य से मुद्रा योजना शुरू की गयी। पहले साल ही इस योजना से 3.32 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में वित्तीय समावेशन के लिए सभी आवश्यक उपाय किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 18 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुल चुके हैं और इसके माध्यम से चल रहीं बीमा योजनाओं से 12 करोड़ से अधिक लोग लाभांवित हुये हैं। उल्लेखनीय है कि स्टैंडअप इंडिया याेजना के तहत अनुसूचति जाति, जनजाति और महिलाओं को उद्योग लगाने के लिए बैंकों से दस लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। इसके तहत प्रत्येक बैंक शाखा को कम से कम दो योजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराना होगा। सिडबी और दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा अन्य प्रमुख संस्थानों के माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। सिडबी कार्यालय और नाबार्ड स्टैंडअप कनेक्ट सेंटर (एसयूसीसी) के रूप में काम करेंगे।

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