पनामा टैक्स लीक्स मामले में दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: अरुण जेटली - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 5 अप्रैल 2016

पनामा टैक्स लीक्स मामले में दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: अरुण जेटली

 पनामा टैक्स लीक्स मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए। जेटली ने कहा कि कई जांच एजेंसियों की मामले पर नजर है। जांच में जिनके अकाउंट्स गैरकानूनी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर सीबीडीटी और आरबीआई सहित कई एजेंसियों को मिलाकर एक जांच समिति का गठन किया जाएगा। यह जांच समिति खुलासों की जांच करेगी और गैर-कानूनी अकांउट्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


सरकार ने पनामा की एक विधि फर्म के लीक हुए दस्तावेजों की सूचनाओं पर लगातार निगरानी के लिए जांच टीम गठित की है। लाखों की संख्या वाले इन दस्तावेजों में कम से कम 500 भारतीयों के नाम भी बताए गए हैं जिनमें फिल्म कलाकार व उद्योगपति शामिल हैं। इनके बारे में आरोप है कि इन्होंने विदेशी इकाइयों में धन जमा कर रखा है।


काले धन पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने भी कहा है कि वह खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ (आईसीआईजे) द्वारा सामने लाई गई गोपनीय सूचनाओं की गहनता से जांच करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर आज सुबह उनसे बात की और उनकी सलाह पर एजेंसियों का समूह गठित किया गया है। इस समूह में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), भारतीय रिजर्व बैंक व वित्त मंत्रालय की वित्तीय आसूचना इकाई (एफआईयू) और एफटीएंडटीआर (विदेशी कर और कर अनुसंधान) के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘विभिन्न एजेंसियों वाले इस समूह में सीबीडीटी, एफआईयू, एफटीएंडटीआर (विदेशी कर एवं कर अनुसंधान) तथा रिजर्व बैंक जैसी एजेंसियां शामिल होंगी। वे इनकी (खातों) की लगातार निगरानी करेंगी और जो भी खाते अवैध पाए जाएंगे उन पर मौजूदा कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ 


जेटली का यह बयान इस बारे में अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रपट के बाद आया है। यह रपट पनामा की विधि सेवा फर्म मोसैक फोंसेका के लीक हुए दस्तावेजों पर आधारित है। इस सूची में एक प्रसिद्ध अभिनेता और उनकी बहू, रीयल एस्टेट क्षेत्र के दिग्गज और कई अन्य उद्योगपतियों व उनके परिवार के सदस्यों का नाम शामिल है। हालांकि, इनमें से ज्यादातर ने किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अपोलो समूह के चेयरमैन ओंकार कंवर और उनके परिवार के सदस्यों ने 2010 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में एक आफशोर इकाई बनाई। इसके लिए उन्होंने 2014 में दो ट्रस्ट स्थापित किए।


इस पर प्रतिक्रिया में समूह के अधिकृत प्रवक्ता ने कहा कि भारत कानूनी तरीके से कुछ निश्चित नियमन के तहत विदेश में निवेश की अनुमति देता है। कंवर परिवार का विदेश में संभवत: जो भी निवेश है वह भारतीय कानून के अनुपालन के जरिये है। जहां जरूरत है वहां इसका खुलासा भी किया गया है।

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